रूस हो या जापान, डाक विभाग दे रहा 24 घंटे में राखी पहुंचाने की गारंटी, बहनें करें ये काम

रक्षाबंधन नजदीक है. कई बहनों के भाई सात समुंद्र पार परदेश में रहते हैं. ऐसे में बहनों की सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि आखिर उनतक समय पर राखी कैसे पहुंचाई जाए. भारतीय डाक ने बहनों की इस समस्या का समाधान ढूंढ़ लिया है. अब दुनिया के किसी भी कोने में 24 घंटे में राखी पहुंच जाएगी. इसके लिए सारी व्यवस्था हो गई है. कई महिलाएं इसका लाभ भी उठा रही हैं. पटना में भी डाक विभाग ने कमर कस ली है. अबतक पटना जीपीओ में चार अलग-अलग काउंटर सिर्फ राखी भेजने के लिए बनाई गई है।  मुख्य डाकघर अधीक्षक ने बताया कि इस बार 12 हजार से अधिक वाटरप्रूफ लिफाफे सभी डाकघरों में उपलब्ध हैं. दोनों बड़े डाकघर जीपीओ और पाटलिपुत्र में भी स्पेशल लिफाफे की बिक्री शुरू गई है, जो दस रुपए प्रति पीस बिक रहे हैं.

Raksha Bandhan 2022 : पोस्ट ऑफिस से भेजी राखी पहुंचेगी या नहीं? लग रहा है  यह डर तो जानिए क्या कर रहा डाक विभाग - raksha bandhan 2022 a large number ofयह है टाइमिंग
भाई दुनिया में किसी भी कोने में क्यों ना हों. 24 घंटे में उनतक आपके प्रेम का रक्षा सूत्र पहुंच जाएगा. यह गारंटी डाक विभाग दे रहा है. इसके लिए जीपीओ के चार काउंटर बढ़ाए गए हैं. राखी पहुंचने में देर न हो, इसके लिए डाक विभाग ने राखी स्पेशल मेल की सुविधा शुरू कर रखी है. साधारण डाक से भेजी गई राखी भी समय पर पहुंच जाए, इसकी पूरी कोशिश में विभाग जुटा हुआ है. सुबह 8 से रात 8 बजे तक लोग स्पीड पोस्ट कर सकते हैं. वहीं इस समय अंतराल में पोस्टमैन भी राखी पहुंचा रहे हैं.

इन देशों में भेजी जा रही रखी
बहनें कनाडा, ऑस्ट्रेलिया सहित 34 देशों में राखी भेज पाएगी. इसमें आस्ट्रेलिया, आस्ट्रिया, बांग्लादेश, बेल्जियम, भूटान, कैनेडा, डेनमार्क, फीनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, हंग्री, इंडोनेशिया, इटली, जापान, जॉर्डन, कोरिया, मैक्सिको, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नार्वे, फिलीपींस, रसिया, सिंगापुर, साउथ अफ्रिका, स्वीडन, स्वीटजरलैंड, थाईलैंड, टर्की, यूके, यूएसए, यूक्रेन, वियतनाम जैसे देशों में राखियां भेजी जा रही हैं. प्रतिदिन विदेश के लिए करीब 200 बुकिंग हो रही है.

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading