किशनगंज: बिहार का किशनगंज शैक्षणिक दृष्टिकोण से प्रदेश ही नहीं देश में भी काफी पिछड़ा इलाका माना जाता है. ऐसे में किशनगंज की सिंघिया प्लस टू हाई स्कूल की शिक्षिका कुमारी गुड्डी का चयन इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए होना किशनगंज के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण रहा. कुमारी गुड्डी अंग्रेजी की शिक्षिका हैं. उन्होंने अपने 26 साल के शैक्षणिक कैरियर काफी उतार-चढ़ाव देखी इस सफर तक पहुंचने के लिए उन्होंने अपनी परिवार और स्कूल की छात्रों श्रेय दी. बता दें कि पूरे बिहार से मात्र तीन और देश से 50 शिक्षकों का चयन हुआ है.
बिहार किशनगंज की प्लस टू हाई स्कूल सिंघिया की शिक्षिका कुमारी गुड्डी का चयन इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है. उन्होंने बताया कि लड़कियों के menstrual health के लिए उन्होंने स्कूलों में जागरुकता अभियान पर काम किया. जिसको लेकर पूर्व में भी राज्य स्तरीय कई पुरस्कार मिल चुकी है. कुमारी गुड्डी 26 साल से लगातार शिक्षा की क्षेत्र में काम कर रही है.बिहार से 3 शिक्षकों का हुआ है चयन
शिक्षक दिवस के अवसर 5 सितंबर 2023 को होने जा रही राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार को लेकर बिहार के तीन शिक्षकों को इस वर्ष का सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलेगा. जिसमें बिहार से किशनगंज, कैमूर और सीतामढ़ी के स्कूलों के शिक्षकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी.
पूरे देश से 50 शिक्षकों का चयन हुआ है, जिसमें शिक्षका कुमारी गुड्डी भी शामिल हैं.

प्राइवेट स्कूल से की थी शैक्षणिक करियर की शुरुआत
राष्ट्रपति पुरस्कार के नाम ऑन से चयनित कुमारी गुड्डी ने शुरुआती के 10 वर्षों तक किशनगंज शहर के ही सरस्वती शिशु विद्या मंदिर स्कूल में पढ़ाने शुरुआत की. उसके बाद कारवां बढ़ता गया. फिर सरकारी स्कूल की शिक्षका बनी. जिले के ही सिंघिया प्लस टू स्कूल की शिक्षिका रहते आज देश के 50 शिक्षकों में शामिल हुई हैं.