विपक्षी दलों की आगे की साझा रणनीति की रूपरेखा तय करने के लिए आइएनडीआइए (I.N.D.I.A) की नवगठित समन्वय और चुनाव रणनीति समिति की पहली बैठक आज (बुधवार को) होगी।बैठक की अध्यक्षता एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार करेंगे। यह बैठक नई दिल्ली में शरद पवार के आवास पर होगी। इसमें 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन की रणनीति और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा सकती है। बैठक में आइएनडीआइए में कुछ अन्य दलों के शामिल करने के प्रस्तावों पर विचार होगा तो भाजपा से दूर होते कुछ एक दलों को भी साधने की संभावनाओं पर मंत्रणा होगी।
ललन सिंह बैठक में नहीं होंगे शामिल
जदयू के राष्ट्रिय अध्यक्ष ललन सिंह अस्वस्थ हो गए हैं। कहा जा रहा कि वह डेंगू से पीड़ित हैं। इस वजह से आइएनडीआइए की बैठक में ललन सिंह शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह जल संसाधन मंत्री संजय झा बैठक में शामिल होंगे। वहीं, बैठक में शामिल होने उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मंगलवार को दिल्ली रवाना हो गए हैं।
अभिषेक बनर्जी बैठक भी नहीं होंगे शामिल?
संकेत हैं कि आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के बाद सूबे की बदली सियासी परिस्थितियों में आइएनडीआइए अब तेलुगुदेशम पार्टी (टीडीपी) को साधने की संभावनाओं पर भी गौर करेगा।बैठक में तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि अभिषेक बनर्जी ईडी के नोटिस के चलते शामिल नहीं हो पाएंगे। अभिषेक ने 13 सितंबर को पेश होने के नोटिस को एक्स पर पोस्ट किया।
आइएनडीआइए के समन्वय की परख 2024 से पहले राज्यों में भी
इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इन्क्लूसिव अलायंस आईएनडीआईए का गठन तो आगामी लोकसभा चुनाव के लिए हुआ है, लेकिन उससे पहले भी विपक्षी दल राज्यों में अपनी एकजुटता को परख रहे हैं।हाल ही में उत्तर प्रदेश की घोसी विधानसभा सीट पर उप चुनाव में भाजपा के विरुद्ध सपा, कांग्रेस और रालोद का तालमेल बेहतर रहा और सीट सपा की झोली में ही रही। तालमेल और गठबंधन धर्म की ऐसी ही परख राजस्थान और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी हो सकती है।

कांग्रेस से बड़े दिल की अपेक्षा करते हुए राष्ट्रीय लोकदल दस सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी के साथ पड़ोसी राज्य में अपने विस्तार की तैयारी में है। संभव है कि वहां की सहमति-असहमति का प्रभाव उत्तर प्रदेश में लोकसभा सीटों के बंटवारे पर भी पड़े।जहां भी राज्यों में आइएनडीआइए गठबंधन में शामिल दलों में आपसी खींचतान है, वहां तुर्रा दिया जा रहा है कि यह गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए हुआ है, राज्यों के चुनाव से इसका कोई लेना-देना नहीं है।