मुजफ्फरपुर : बुधवार को एक प्रयास मंच द्वारा पुरानी गुदरी बहलखाना स्लम बस्ती में नशा मुक्त शराबबंदी पर आधारित लोकगीत द्वारा जागरुकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें एक प्रयास मंच के संस्थापक संजय रजक ने कहा कि पिछले दिनों शहर में जहरीली शराब से हुई मौत व आँख की रोशनी चली गई, यह बहुत दुखद घटना थी।
जिसके रोकथाम एवं नशा मुक्त शहर बनाने के उदेश्य से शराबबंदी पर आधारित लोकगीत गाकर जागरूक किया गया। लोकगीत में बताया गया कि जब एक व्यक्ति नशा करता है तो अपने साथ पूरे परिवार को परेशान कर देता है। साथ ही आपसी झगड़े,सड़क दुर्घटना जैसी घटना भी होती है। वहीं इंसान नशे का आदी होने पर अपने ही घर का सामान बेचकर नशा करते हैं।
जिस कारण परिवार में खाने पीने के साथ बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है। साथ ही स्वास्थ्य भी खराब हो जाता है, अगर वही इंसान नशा करना छोड़ दें तो वह अपने परिवार के साथ सुख शांति से रह सकते हैं। अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर एक जिम्मेदार नागरिक बना सकते हैं। गांधी जी ने भी कहा था कि शराब आदमियों से ना सिर्फ उनका पैसा छीन लेती है बल्कि बुद्धि भी हर लेती है। शराब पीने वाला इंसान हैवान हो जाता है। आज मंच के द्वारा नशा मुक्त शराबबंदी के लिए बहलखाना स्लम बस्ती से शुरुआत की गई।
शराबबंदी लोकगीत का यह असर हुआ कि कुछ लोग जो शराब बेच रहे थे उन्होंने ये संकल्प लिया की आज के बाद शराब नही बेचेंगे। इसी तरह आगे भी यह कार्यक्रम शहर मे आयोजन किया जायेगा। इस कार्यक्रम का उदेश्य लोगो को नशे से दूर करना है। कार्यक्रम मे संजू मल्लिक, किरण देवी, पार्वती देवी, रधिया देवी, चिंता देवी, निनिया देवी, अमर मल्लिक,राजेश मल्लिक ,व अन्य बस्ती के लोग उपस्थित थे।




