रवियोग में अनंत चतुर्दशी व्रत आज, किस राशि के लोग कौन से रंग का अनंत करें धारण, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त

पटना : भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है। यह अनंत पर्व 28 सितंबर गुरुवार को पूर्वभाद्र नक्षत्र और रवियोग योग के सुयोग में पूरे दिन मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की अनंत के रूप में पूजा,  पौराणिक कथा का श्रवण, अनंत धारण  एवं भोग में मधुर पकवान अर्पित किया जाता है। इस नक्षत्र में अनंत प्रभु के रूप में भगवान विष्णु की पूजा करने से शिव की पूजा का भी पुण्य मिल जाएगा। अनंत पूजा के बाद अनंत सूत्र बांधने से मुसीबतों से रक्षा एवं साधकों का कल्याण भी होता है। कुछ व्रती इस दिन अपने घरों में भगवान सत्यनारायण की पूजा कर कथा का रसपान भी करते हैं। भगवान श्री हरि अनंत चतुर्दशी  का उपवास करने वाले उपासक के दुखों को दूर करते हैं और उसके घर में धन-धान्य से संपन्नता लाकर उसकी विपन्नता को समाप्त कर देते हैं।

Anant Chaturdashi 2021: अनंत चतुर्दशी पर आखिर क्यों पहना जाता है 14 गांठ  वाला धागा, जानें इसे धारण करने की विधि एवं नियम | Know significance and  worship method of Anant Sutraरवियोग के सुयोग में होगी अनंत पूजा

ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने कहा कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर रवियोग का सुयोग बन रहा है। इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम एवं पुरुष सूक्त का पाठ करना बहुत उत्तम होता है। अनंत चतुर्दशी के दिन अनंत भगवान की कथा को सुनकर श्रद्धालु चौदह गांठों वाला अनंत डोर बांधते हैं। अनंत की चौदह गांठें चौदह लोकों का प्रतीक है। ये गांठें पाप को बांधने व भगवान के आशीर्वाद की होती हैं।

राशि के अनुसार अनंत धारण

मेष, सिंह- लाल अनंत

वृष, कर्क व तुला- चमकीला सफेद अनंत

मिथुन, कन्या- हरा अनंत

वृश्चिक- गहरा लाल अनंत

धनु, मीन- पीला अनंत

मकर, कुंभ- नीला अनंत

अनंत चतुर्दशी पूजा का शुभ मुहूर्त

चतुर्दशी तिथि: शाम 06:27 बजे तक

रवियोग: सुबह 09:39 से देर रात 02:37 बजे तक

गुली काल मुहूर्त: सुबह 08:41 से 10:10 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:16 से 12:04 बजे तक

चर-लाभ-अमृत मुहूर्त: सुबह 10:10 से दोपहर 02:39 बजे तक

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