बिहार : हिंदू धर्म में जितिया व्रत का बहुत बड़ा महत्व दिया गया हैं. वही इस व्रत को महिलाये निर्जला उपवास रहकर अपने पुत्र प्राप्ति या पुत्र की लंबी दीर्घायु के लिए करती हैं. इस व्रत नहाय खाय से शुरू होकर सप्तमी, अष्टमी और नवमी को समापन किया जाता है. ऐसे में इस बार का जितिया व्रत कम समय पड़ने के कारण व्रतियों को राहत मिलेगी. इस बार जितिया व्रत की शुरुआत 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक चलेगा.जानकारी देते हुए पूर्णिया के पंडित मनोत्पल झा कहते हैं की जितिया पर्व महिलाएं अपने पुत्र की लंबी दीर्घायु के लिए करती हैं. उन्होंने कहा कि जितिया व्रत में व्रती महिलाएं अष्टमी का निर्जला व्रत रहकर उपवास करती हैं. जितिया व्रत सप्तमी से शुरू होकर नवमी को समाप्त होता है.

जानिए क्या है तिथि और मुहूर्त
पंडित जी ने कहा कि इस बार 5 अक्टूबर को नहाए खाए और सुबह सूर्योदय से पहले तक (ओटगन) और 6 अक्टूबर को सुबह से जितिया व्रत व्रती रखेंगे. 7 अक्टूबर को 10:32 पर व्रत का समापन कर पारण करेंगे. 6 तारीख को सुबह 9:34 तक सप्तमी हैं, इसलिए सूर्योदय मुताबिक जितिया का व्रत सुबह से ही होगा. सुबह से लेकर अगले दिन 7 तारीख तक 10:32 तक उपवास समापन करेंगे. वही इसका व्रत अष्टमी को होता है. मिथिला पंचांग के अनुसार यही निर्धारित समय दिया गया.

हालांकि उन्होंने कहा अलग-अलग जगहों पर समय का अंतराल हो सकता है, लेकिन मिथिला पंचांग के अनुसार यही निर्धारित समय हैं. उन्होंने कहा जितिया व्रत को जीवित पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है. इसमें जीवित वाहन देवता की पूजा की जाती है. यह पूजा संतान, सुख और संतान प्राप्ति या संतान मनोकामना के लिए यह व्रत करती हैं. वहीं विवाहित ही स्त्रियां या व्रत करती है. वहीं इस पूजा को करने से संतान के दीर्घायु आरोग्यता और सुख शांति सहित संपन्नता आती है.

ऐसे करें पूजा, यह है पारण विधि
पंडित जी कहते हैं कि जितिया व्रत का पूजन करने के लिए माताएं पहले से करती आ रही है. उन्हें पता है कैसे पूजा की जाती है. पंडित जी कहते हैं इन में सर्वप्रथम नहाए खाए से मड़वा की रोटी, झिंगली का पत्ता, नौनी का साग सहित कई चीजों को विशेष प्रधानता दी गई है. जितिया व्रत में मूल रूप से सेवन किया जाता है. पंडित जी कहते हैं कि पारण करने के लिए व्रती 7 अक्टूबर को 10 बजकर 32 मिनट के बाद शरबत ले सकती हैं या कोई मीठा जल ले सकती हैं. जिससे आपके शरीर में एनर्जी लेवल बनी रहे.