पटना : यह भव्य तस्वीर बाललीला गुरुद्वारे की है, जो तख्त श्री हरमंदिर साहिब से कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित है. बता दें कि पूरे विश्व में हरमंदिर साहिब गुरुद्वारा को सिखों के पांच पवित्र तख्तों में से एक माना जाता है.
रात में भी इसकी सुंदरता देखते ही बनती है. यहां देश-विदेश से सिख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. पटना साहिब सिखों के लिए पुण्य क्षेत्र है. क्योंकि यह सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह की जन्मस्थली है.
गुरुद्वारे में हजारों श्रद्धालुओं के द्वारा रोज लंगर छका जाता है. बता दें कि सिख धर्म में लंगर का प्रसाद छकने की परंपरा है. बिना किसी भेदभाव के बड़े प्रेम से यहां सभी को भरपेट भोजन कराया जाता है.
गुरुद्वारे की एक-एक चीज बड़े करीने से सजाई गई है. उदाहरण के लिए इस तस्वीर में दीवार से टंगी इस झूमर को देखिए. सिख यात्रियों के विश्राम हॉल में ऐसे कई आकर्षक झूमर लगाए गए हैं. लंगर से लेकर विश्राम करने और रहने इत्यादि की सभी व्यवस्था यहां बिल्कुल निःशुल्क है. हालांकि, सिख श्रद्धालुओं के द्वारा अपनी सुविधानुसार लंगर में सहयोग दिया जाता है. इसके लिए कई जगहों पर बारकोड भी लगाए गए हैं.
सिख यात्रियों की सुविधा के लिए गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से निशुल्क: बस सेवा भी उपलब्ध है. बसों से सिख श्रद्धालुओं को घुमाने के अलावा एयरपोर्ट और स्टेशनों से लाने और छोड़ने की भी व्यवस्था है.बता दें कि पटना साहिब गुरुद्वारे में हजारों सिख यात्रियों के रहने की व्यवस्था वर्तमान समय में है,जिसे और बढ़ाया जा रहा है. इसके लिए निर्माण कार्य भी चल रहे हैं.


