जीविका दीदी करेंगी सहायता, बिहार में अब कठपुतली के हाथों में होगी पढ़ाई!

बिहार : शिक्षा विभाग बिहार के शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक रोज नए-नए दिशा निर्देश जारी कर रहे हैं. लगातार बच्चों की उपस्थिति को बढ़ाने के लिए भी नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. इसी क्रम में भागलपुर के जिला शिक्षाधिकारी ने भी एक नया निर्देश जारी किया और उसको लागू करने के लिए अधिकारियों को भी दिशा निर्देश दिए है. दरअसल, पहली से पांचवी तक के बच्चे जो स्कूल आने से कतराते हैं. उनके लिए एक अच्छी पहल की जा रही है. उनको स्कूल लाने के लिए खेल के माध्यम से पढ़ाने की एक नई कोशिश की जा रही है. इसी कड़ी में अब सरकारी विद्यालयों में कठपुतली के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी.

School Holidayखेल-खेल में होगी उनकी पढ़ाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि छोटे-छोटे बच्चों को कठपुतली यानी गुड्डे गुड़ियों से खेलने का काफी शौक होता है. अगर इस चीजों को पढ़ाई में उतार दिया जाए तो बच्चे खेल की भावना से स्कूल पहुंचने लगेंगे. खेल-खेल में उनकी पढ़ाई भी होगी और उनका मनोरंजन भी होगा. इससे बच्चों में स्किल डेवलप्ड जल्द हो जाएगा. इसकी तैयारी की जा रही है कठपुतली को बनवाया जा रहा है. वहीं, शिक्षकों को भी निर्देश दिया है कि नए-नए एक्टिविटीज के साथ बच्चों को पढ़ाया जाए. ताकि बच्चे जल्द ही किसी भी चीज को सिख पाएं.

जीविका दीदी की भी ली जाएगी मदद
हालांकि, जब से बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है तब से स्कूलों में बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी जरूर आई है. लेकिन जिले के कुछ स्कूलों में संसाधनों की कमी के कारण अच्छी शिक्षा व्यवस्था नहीं मिल पा रही है. इसको लेकर शिक्षा अधिकारी लगातार इस पहल में लगे हुए हैं कि उसको बेहतर किया जाए. ताकि बच्चे अपने भविष्य को सवांर सके. संभवत इसमें जीविका दीदी की भी मदद ली जा सकती है. उन्होंने बताया कि हम लोगों को जिले में बड़े पैमाने पर कठपुतली की आवश्यकता होगी. जिसको बनाने के लिए महिला समूह को दिया जा रहा है. अगर इससे जीविका दीदी को जोड़ते हैं तो उन्हें एक रोजगार का जरिया भी मिलेगा. हम लोगों का काम भी आसान हो जाएगा.

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