शिवहर : नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में जारी वर्षा के बाद शुक्रवार को एक बार फिर बागमती नदी के जलस्तर में उफान आ गया है। बाढ़ का पानी शिवहर-ढाका स्टेट हाइवे पर फैल रहा है। इसके चलते हाईवे पर आवागमन ठप हो गया है। इसके अलावा बाढ़ का पानी बेलवा, नरकटिया, पिपराही पुर्नवास, अदौरी, दोस्तियां और खैरा पहाड़ी आदि गांवों के निचले इलाकों में लगातार फैल रहा है।कई इलाकों में फसलें पानी में डूबने लगी है तो कई इलाकों में बाढ़ के पानी ने धान की सिंचाई की कमी दूर कर दी है। हालांकि, अब और अधिक पानी बढ़ा तो किसानों की परेशानी बढ़ जाएगी। स्टेट हाइवे पर बेलवा में फैलता बाढ़ का पानी।
खतरे के निशान से 28 सेमी नीचे है जलस्तर
इधर, बेलवाघाट, अदौरीघाट डुब्बाघाट, पिपराही घाट और मोतनाजे घाट पर तटबंध पर बाढ़ के पानी का दबाव बरकरार है। बागमती नदी का वर्तमान में जलस्तर 61.00 मीटर दर्ज किया गया है, जो लाल निशान से 28 सेंटीमीटर कम है। बाढ़ के मद्देनजर जल संसाधन विभाग की टीम एक्शन मोड में है। विभाग की टीमें जलस्तर और तटबंध पर नजर बनाए हुए है। बागमती प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता राकेश रंजन ने बताया कि घबराने की बात नहीं है। नेपाल में वर्षा के चलते जलस्तर में वृद्धि हुई है। अब जलस्तर में कमी आ रही है।

नेपाल में लगातार हो रही बारिश
हालांकि, नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में लगातार वर्षा जारी है। तराई के इलाकों में वर्षा और बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में शिवहर समेत उत्तर बिहार में अभी बाढ़ का संकट गया नहीं है। वहीं, बागमती नदी की गोद व बांध के किनारे बसे लोगों में चिंता बरकरार है। बताते चलें कि बागमती में उफान से इस साल चौथी बार बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है।
