सरकारी योजना में लग रहा प’लीता, गं’दा पानी पीने को म’जबूर ग्रामीण

बिहार सरकार प्रदेश के विकास और जनता के उत्थान के लिए कितनी भी कोशिश क्यों ना कर लें, लेकिन अधिकारी और संवेदक की लापरवाही और अनदेखी उन योजनाओं पर पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. पूर्णिया में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. जहां धमदाहा नगर पंचायत क्षेत्र में मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल हर घर नल जल योजना का हाल बेहाल है.

Preparations begin to tackle drinking water crisis, target to fix them by  end of March | पेयजल संकट से निपटने के लिए तैयारी शुरू, मार्च अंत तक इन्हें  ठीक करने का टारगेट -

आलम ये है कि क्षेत्र के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. धमदाहा नगर पंचायत में नेहरू चौक पर एक बड़ा जलमीनार है, जो कि पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है. जबकि नगर पंचायत के अन्य वार्डों में छोटे जलमिनारों की स्थिति भी दयनीय है. जिसके चलते सरकार के करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद धमदाहा नगर पंचायतवासियों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो रहा है.

वार्ड पार्षद विनय सिंह और मुख्य पार्षद प्रतिनिधि नीतीश कुमार की मानें तो इसकी शिकायत पीएचईडी विभाग से कई बार की गई है, लेकिन आज तक इनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई. अधिकारियों की अनदेखी का दंश पंचायत के लोग झेल रहे हैं. किसी वार्ड में तकनीकी खराबी के कारण ये योजना पूरी तरह से ठप है तो किसी वार्ड में पानी आता भी है तो वो गंदा होता है.

 

ऐसे में जो अमीर लोग हैं वो तो खरीदकर साफ पानी पी लेते हैं. लेकिन गरीब तबके के लोग आज भी गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. लिहाजा आक्रोशित लोगों ने एक सप्ताह के अंदर इस समस्या का समाधान नहीं करने पर पीएचईडी कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है.

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