सीबीएसई के सभी स्कूलों को साप्ताहिक और मासिक मूल्यांकन करना है। लेकिन मनोदर्पण टेली काउंसिलिंग ने एक सर्वे किया तो पता चला कि सूबे के मात्र 20 स्कूलों में मूल्यांकन हो रहा है। सर्वे के अनुसार ज्यादातर स्कूलों में नई शिक्षा नीति के तहत क्षमता आधारित पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्कूल पुराने पैटर्न पर ही कक्षाएं चला रहे हैं। बता दें कि वर्ष 2024 के नये सत्र से नई शिक्षा नीति लागू हो जाएगी।

इसके तहत सभी स्कूलों को अभी से हर माह साप्ताहिक के साथ मासिक मूल्यांकन लेना है। क्षमता आधारित पढ़ाई पर जोर देना है। इससे संबंधित प्रश्नों पर छात्रों के साथ डिस्कशन करना है। मूल्यांकन रिपोर्ट पर छात्रों का रिजल्ट तैयार होना है। इससे पता चलेगा कि बच्चे को कक्षा की पढ़ाई कितनी समझ में आयी। आए दिन अभिभावकों की शिकायत आती थी। सर्वे किया गया तो पता चला कि मात्र 20 स्कूलों में नई शिक्षा नीति के तहत मूल्यांकन चल रहा है। -प्रमोद कुमार, काउंसलर
आए दिन मनोदर्पण में अभिभावक कर रहे शिकायत
अभिभावकों को जानकारी दी गई कि अब हर कक्षा में साप्ताहिक और मासिक मूल्यांकन किया जाएगा। इसकी सूचना अभिभावकों को भी मिलेगी, जिससे उन्हें बच्चे की क्षमता आधारित पढ़ाई की जानकारी हो। कम अंक आये तो इसकी वजह क्या है। वार्षिक परीक्षा नजदीक आ रही है तो अभिभावक मनोदर्पण टेली काउंसिलिंग में पूछ रहे हैं कि मूल्यांकन क्यों नहीं हो रहा है।

फर्जी स्काउट एंड गाइड के पंजीयन में 434 स्कूल फंसे
सूबे के 434 सीबीएसई स्कूलों ने फर्जी स्काउट एंड गाइड से पंजीयन करवा लिया है। इन स्कूलों से छात्र पंजीयन के नाम पर हजारों रुपये की वसूली भी कर ली गयी है। जब इन स्कूलों को पता चला तो प्राचार्य ने इसकी जानकारी सीबीएसई को दी है। इसके बाद बोर्ड ने तमाम स्कूलों को चेताया है। साथ में फेक स्काउट एंड गाइड से बचने की सलाह दी है। बता दें कि स्काउट एंड गाइड का प्रशिक्षण अनिवार्य है। मान्यता प्राप्त भारत स्काउट एंड गाइड के अंदर प्रशिक्षित करना है। लेकिन राज्य में अलग-अलग एनजीओ भी स्काउट एंड गाइड चला रहे हैं।