बिहार : सुपौल के गांधी मैदान में गुरुवार को समारोह आयोजित कर नव नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया. जहां बतौर मुख्य अतिथि राज्य सरकार के जल संसाधन और सूचना व जनसंपर्क मंत्री सह सुपौल के प्रभारी मंत्री संजय कुमार झा शामिल हुए.

इस दौरन उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों को शुभकामनाएं दी. साथ ही कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है. जिस वक्त दुनिया के कई देशों में कॉलेज नहीं थे. उस वक्त भी बिहार में नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसे संस्थान संचालित हो रहे थे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के इस गौरव को वापस लाने के प्रयास में है।
संजय झा ने की केंद्र सरकार की तारीफ
संभवत: देश में यह पहला मौका है, जब इतने बड़े पैमाने पर किसी राज्य में शिक्षकों की बहाली हो रही है. उन्होंने कहा कि इस बहाली को लेकर भी लोग तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं. ऐसे में जरूरत है कि नवनियुक्त शिक्षा जिन विद्यालयों में पदस्थापित होंगे, वंहा अपने अध्यापन कार्य से सवाल खड़े करने वालों को माकूल जबाब दें. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों सहित काम करने वाले ओमान जैसे देशों में काम करने वाले लोग आज शिक्षक बहाली में शामिल हुए हैं, जो यह बताता है कि बिहार में काम करने के लिए बेहतर माहौल बना है. बीते 15 अगस्त को सीएम ने 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार का वादा किया था. शिक्षकों की यह नियुक्ति भी उसी का हिस्सा है.
एयरपोर्ट का किराया कम करने के फैसले का किया स्वागत
इधर कार्यक्रम के बाद एक सवाल के जवाब में मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि दरभंगा हवाई अड्डे का विकास कार्य उड़ान योजना के तहत शुरू हुआ था. तब केंद्र सरकार ने कहा था कि यह योजना हवाई चप्पल पहनने वाले लोगों को भी एरोप्लेन की सुविधा मुहैया करवाएगी. बावजूद दरभंगा हवाई अड्डा से यात्रा किराया काफी अधिक था. सरकार ने किराया कम कर बेहतर निर्णय लिया है. हालांकि इसकी मांग वो लंबे समय से करते रहे हैं.
