मुजफ्फरपुर के एल एन मिश्रा इंस्टीट्यूट की छात्रा यशी सिंह अपहरण मामले में नया मोड़ आया है।बीते वर्ष 12 दिसंबर को यसी के नाना राम प्रसाद राय ने सदर थाने में इससे संबंधित एफआईआर दर्ज कराई थी।

परिजनों का आरोप है कि इस घटना के लगभग एक वर्ष होने को है लेकीन पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को न तो गिरफ्तार कर पाई है और न ही यसी सिंह की बरामदगी ही की है।लड़की के परिजनों ने बिहार के मुख्यमंत्री, डीजीपी, मानवाधिकार आयोग, साइबर क्राइम ब्रांच,राष्ट्रीय महिला आयोग सारी जगह पर लगातार गुहार लगाते रहे।यहां तक की मुजफ्फरपुर के आईजी,डीआईजी ,सीनियर एसपी से मिलकर कई बार आवेदन भी दिया।इस घटना से आक्रोशित लोगों ने पुलिस का ध्यान अपनी और खींचने के लिए मुजफ्फरपुर बंद का आह्वान भी किया और धरना प्रदर्शन भी किए।मगर कोई सकारात्मक रिजल्ट नहीं आने के कारण दुखी माता-पिता ने पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और याचिका दायर की, इस मामले में पटना उच्च न्यायालय के आपराधिक मामलों के वकील अरविंद कुमार को केस लड़ने के लिए नियुक्त किया गया।

पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अरविंद कुमार ने बताया कि केस की सुनवाई पटना उच्च न्यायालय की एकल पीठ के माननीय न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद के यहां शुरू हुई । जहां राजीव रंजन प्रसाद ने अति संवेदनशील मामले में अनुसंधान में बरती गई शिथिलता और पुलिस के रवैए पर सख्त नाराजगी जताई । माननीय न्यायाधीश ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार एवं प्रशासन बिहार के लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में नाकामयाब रही है।
जिसका सबसे बड़ा उदाहरण यशी सिंह अपहरण केस है। माननीय न्यायाधीश ने इस केस को पटना उच्च न्यायालय द्वारा डे-टू-डे मॉनिटरिंग तथा उच्च न्यायालय में प्रत्येक शुक्रवार मामले की सुनवाई करने का आदेश दिया ।
इस केस की छानबीन साइबर क्राइम एसपी बिहार तथा मुजफ्फरपुर सीनियर एसपी मिलकर कर रहें हैं। इस केस की छानबीन एसआईटी की गठित टीम द्वारा की जाएगी तथा सभी प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रत्येक शुक्रवार को पटना उच्च न्यायालय सौंपा जाएगा।
इसी क्रम में आज शुक्रवार को इस केस पर सुनवाई की गई, जिसमें माननीय न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद ने एस.एस.पी मुजफ्फरपुर के प्रतिवेदन को केवल कागजी खाना पूर्ति बताते हुए अगली तिथि 24 नवंबर को न्यायालय में फिजिकल अपियरेंस का आदेश निर्गत किया। इस केस पर हुई किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया की पुष्टि मुजफ्फरपुर न्यूज़ स्वयं नहीं करता। इन सारी बातों का जिक्र पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अरविंद कुमार द्वारा मुजफ्फरपुर न्यूज़ के सवांददाता से हुई बातचीत के दौरान हुई है।