बीपीएससी: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट कर बिना सोचे-समझे बेबुनियाद आरोप लगाने वालों को गंभीर परिणाम के लिए सचेत किया। उन्होंने कहा कि अन्य विषय पर भ्रम अनावश्यक था, स्पष्टीकरण भी अनावश्यक था, लेकिन यह केवल अनुरोध पर जारी किया गया था।
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बेबुनियाद आरापों के होंगे गंभीर परिणाम
देर से स्पष्टीकरण के लिए बीपीएससी को दोषी ठहराने वालों को अभी भी यह समझ में नहीं आया है कि आवेदनों में संशोधन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। बिना सोचे-समझे लगाए गए आरापों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

दूसरे पोस्ट में कहा है कि शिक्षक नियुक्ति पहला चरण (टीआरई वन) के परिणाम को लेकर बगैर शपथ पत्र के 741 शिकायतें प्राप्त हुईं। अनावश्यक शिकायतों के ऐसे सभी मामलों से सख्ती से निपटा जाएगा। वहीं, आयोग सूत्रों की मानें तो पहले चरण की नियुक्ति परिणाम को लेकर 1500 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। 11 नवंबर तक आयोग ने आनलाइन माध्यम से शपथ पत्र के साथ अभ्यर्थियों से परिणाम के विरुद्ध आपत्ति मांगी थी।