बिहार-झारखंड में महापर्व छठ पूजा बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है, छठ पूजा की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पर्व के दौरान किसी भी चिकित्सीय आपात स्थिति से निपटने के लिए घाटों पर पुख्ता इंतजाम भी कर दिए हैं. वहीं, अत्यधिक भीड़भाड़ वाले पाटीपुल, 93 नंबर, समाहरणालय, लॉ कॉलेज और गायघाट में दो-दो बेड वाले अस्थायी अस्पताल बनाये जा रहे हैं. साथ ही मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा जा सके, इसलिए इन अस्पतालों और कंट्रोल रूम में अलग से एंबुलेंस तैयार रखी जाएंगी. इसके अलावा अन्य 91 घाटों में से हर तीन-चार घाटों के बीच दवा और एक डॉक्टर के साथ एक एम्बुलेंस तैनात की गई है. चिकित्सा व्यवस्था के नोडल पदाधिकारी सिविल सर्जन डॉ. श्रवण कुमार और महामारी पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने इसको लेकर मंगलवार को जानकारी दी.
18 नवंबर तक तैयार हो जाएंगे अस्पताल
आपको बता दें कि पांच अस्थायी अस्पतालों सहित सभी चिकित्सा सुविधाओं की तैयारी शनिवार शाम तक पूरी कर ली जाएगी, जबकि 19 नवंबर को संध्या अर्घ्य से पहले, दोपहर 12 बजे से देर शाम तक और 20 नवंबर को दोपहर 2 बजे से अर्घ्य समाप्त होने तक सभी मेडिकल टीमें निर्धारित स्थान पर तैयार रहेंगी. साथ ही घाटों पर बने कंट्रोल रूम में डॉक्टरों को उनके नाम वाले एप्रन और बीपी उपकरण और स्टेथोस्कोप के साथ एंबुलेंस के बजाय रहने को कहा गया है. साथ ही हर एंबुलेंस में स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलेंडर और जीवन रक्षक दवाएं होंगी. मेडिकल टीम को 17 नवंबर की दोपहर तक सिविल सर्जन कार्यालय में योगदान देने को कहा गया है.

घाट के पास के अस्पतालों को किया गया अलर्ट
इसके साथ ही आपको बता दें कि सिविल सर्जन ने बताया कि, आपातकालीन स्थिति में अशोक राजपथ और कंकड़बाग घाट के पास के अस्पतालों को दानापुर से अटैच कर दिया गया है. वहीं पारस एचएमआरआई, राजेश्वर हॉस्पिटल, एसपी रोड स्थित रूबन इमरजेंसी, सहयोग हास्पिटल, कुर्जी हास्पिटल, महावीर वात्सल्य, तारा नर्सिंग होम, जगदीश मेमोरियल, अरविंद हास्पिटल, श्री साई हास्पिटल आदि को निर्देश दिया गया है कि वे घाट से भेजे गए मरीजों का निशुल्क अर्घ्य के दौरान ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और इमरजेंसी में उपचार करें और बेड आरक्षित रखें.