बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) सुप्रीमो जीतनराम मांझी ने बीपीएससी शिक्षक बहाली की पोस्टिंग में घोटाले के आरोप लगाए हैं। मांझी ने इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीपीएससी से नियुक्त बिहार के शिक्षकों को गांवों में पोस्टिंग दी जा रही है। दूसरी ओर बाहरी राज्यों के शिक्षकों की शहरों में तैनाती की जा रही है, इसके लिए उनसे मोटा माल यानी पैसा लिया जा रहा है।

पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने गुरुवार को ट्वीट कर नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक नियुक्ति में तो धांधली कर ली अब पोस्टिंग में भी घोटाला शुरू हो गया है। ‘मोटा माल’ लेकर बाहर राज्यों के शिक्षकों की पदास्थापना शहरों में कर बिहारी शिक्षको को गांवो मे भेजा जा रहा है। पैसे में बहुत शक्ति होती है। पता नहीं सरकार में शामिल चाचा-भतीजा अनाज खातें हैं या नोट।

इससे पहले जीतनराम मांझी बीपीएससी परीक्षा में धांधली एवं नियुक्ति में भी घोटाले के आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि रेलवे में लैंड फॉर जॉब की तर्ज पर शिक्षक बहाली में मनी फॉर जॉब घोटाला हुआ है। नीतीश सरकार ने पैसे लेकर दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को नौकरियां बांटी हैं। इससे बिहारियों का हक मारा गया है।
बता दें कि बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से 1.70 लाख पदों पर शिक्षक बहाली का आयोजन किया गया था। इसके लिए लिखित परीक्षा हुई, जिसमें 1.20 लाख अभ्यर्थी सफल हुए। इस साल नीतीश सरकार ने डोमिसाइल नीति को हटा दिया, जिससे बाहरी राज्यों के अभ्यर्थी भी बिहार में शिक्षक बने हैं। फिलहाल नवनियुक्त शिक्षकों की काउंसलिंग के बाद उन्हें पोस्टिंग दे दी गई है। नए शिक्षक 21 नवंबर तक अपने स्कूलों में योगदान कर लेंगे।