पटना जंक्शन पर शाम ढलने के बाद आटो चालक यात्रियों से मानमाना किराया वसूल रहे हैं। यात्री मजबूरी में मुंहमांगा भाड़ा देने को मजबूर हैं। आयकर गोलंबर और हाइकोर्ट के लिए यहां से आटो मिलता ही नहीं है। खुशामद करने के बाद कम से कम 20 रुपये किराया तय करके आटो में बैठाते हैं। जबकि आयकर गोलंबर का किराया 10 रुपये निर्धारित है। यात्रियों से अंतिम ठहराव के किराये की मांग करते हैं। इस तरह का दृश्य शहर के विभिन्न हिस्सों का है।
पुलिस को शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहींआटो चालक नेहरू गोलंबर के पास ही आटो लगाते हैं। वहां यातायात पुलिस भी तैनात रहती है। यात्रियों की तरफ से यातायात पुलिस को शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हो पा रही है। ज्यादातर आटो चालक रिजर्व चलने के लिए मजबूर कर देते हैं। सुजीत कुमार ने बताया कि रात्रि साढ़े दस बजे के बाद पटना जंक्शन पहुंचे। मजबूरी में रिजर्व करके किदवईपुरी जाना पड़ा। आटो यूनियन के नेता नवीन मिश्रा का कहना है कि कुछ आटो वाले यातायात पुलिस की मिलीभगत से ऐसे कार्य करते हैं, जानकारी होने के बाद यूनियन हस्तक्षेप करती है। आटो यूनियन नेता मुर्तजा अली का कहना है कि पुलिस इस तरह के चालकों पर कार्रवाई नहीं करती है।
नया स्टैंड खाली
रेलवे के पटना जंक्शन स्थित नये आटो सह वाहन पार्किंग स्टैंड से आटो चालकों ने आटो को हटा लिया। अब यह पार्क खाली हो गया है। यहां निजी वाहन लग रहे हैं। आटो यूनियन के नेता मुर्तजा अली, नवीन मिश्रा, अजय पटेल ने बताया कि रेलवे ने पार्किंग ठेकेदार को दे दी है। आटो लगाने पर ठेकेदार शुल्क मांग रहा है। ऐसी स्थिति में आटो लगा पाना संभव नहीं है। उस स्थान पर अभी यात्री भी नहीं मिल रहे हैं। घाटे का सौदा बन गया है। जीपीओ गोलंबर के पास पूर्व की तरह आटो लगने लगे हैं। प्रशासन आटो के लिए स्टैंड उपलब्ध कराए। इस मुद्दे पर शीघ्र ही आटो यूनियनों की बैठक होगी।
मल्टी कांप्लेक्स आटो स्टैंड के पास का रास्ता बंद
बेलीरोड के आटो स्टैंडमल्टी कांप्लेक्स के बाहरी भाग का रास्ता फिर बंद हो गया है। यात्रियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। सब-वे के कार्य के लिए रास्ता बंद किया गया है। यहां आने के अन्य रास्ते सुरक्षित नहीं रहने के कारण लोग आना-जाना पसंद नहीं कर पा रहे हैं। आटो चालक जीपीओ की तरफ से स्टेशन के पास यात्रियों को उतार रहे हैं। यहां जाने के लिए सकरी रास्ता था। उसे भी बंद कर दिया गया है। इस कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।