बाजारों में जो देखने में सुंदर और बड़े आकार की सब्जियां मिलती है। उनकी खूबसूरती के पीछे का राज हानिकारक हार्मोन हो सकते हैं। ये सब्जियां नुकसानदेह हो सकती है। अधिक उपज की लालच में किसान हानिकारक दवाओं का धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं। ताजी दिखने में सब्जियां साथ में बीमारियां भी लाती है। इस दवाओं के इस्तेमाल से न सिर्फ सब्जियों का रंग-रूप निखरता है, बल्कि समय से पहले ये तैयार भी हो जाते हैं। आमतौर पर अबतक सब्जियों में हार्मोन प्रभावित करने वाली दवाइयों का इस्तेमाल जिले व प्रखंड में गिने-चुने किसान ही करते थे लेकिन अब तो इस प्रकार की दवा का इस्तेमाल दर्जनों किसान धड़ल्ले करते दिखते हैं। इसकी पुष्टि खाद-बीज की दुकानों में बिकने वाली ऐसी दवाइयों की बढ़ती मांग से भी की जा सकती है।

गोभी, बैंगन व भिंडी में हो रहा अधिक प्रयोग
कीटनाशकों व हार्मोंस का सर्वाधिक प्रयोग बैंगन, भिंडी, लौकी, खीरा आदि अन्य सब्जियों में किया जा रहा है। इसमें सब्जी के उत्पादन के साथ उसका आकार भी बढ़ जाता है। जो सुंदर व ताजी दिखती है। इन दवाओं को पौधे पर स्प्रे करने के अलावा जल्द परिणाम के लिए इन्हें पौधों में इंजेक्शन के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। इंजेक्शन वाला तरीका सेहत के दृष्टिकोण से बेहद खतरनाक है।