पटना. जदयू को लेकर बिहार के साथ-साथ देश की सियासत में भी हलचल तेज है. दरअसल सियासी गलियारी में चर्चा है कि इंडिया गठबंधन की चौथी बैठक के बाद भी नीतीश कुमार की कोई भी भूमिका स्पष्ट नहीं होने के बाद क्या नीतीश कुमार कोई बड़ा फैसला लेने वाले है. वहीं चर्चा इस बात को लेकर भी तेज है कि क्या जदयू के अंदर भी कोई बड़ा बदलाव होने वाला है. इसी सब चर्चा के बीच दिल्ली में जदयू की दो दिनों तक चलने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई गई है.
दरअसल 2024 में लोकसभा चुनाव होने वाला है, जिसको लेकर तमाम राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है. नीतीश कुमार की जदयू भी लगातार लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बनाने में जुट गयी है. दिल्ली में होने वाली बैठक के नीतीश कुमार पार्टी नेताओं के साथ अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करेंगे. यानि लोकसभा चुनाव में जदयू किस एजेंडे पर जनता के बीच जाएगी और किन मुद्दों पर विरोधियों को घेरना है इसकी रणनीति भी बैठक के दौरान ही बनाई जाएगी.
बता दें, 28 दिसंबर को शाम चार बजे से जदयू की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक होगी. वहीं इसके ठीक अगले दिन 29 दिसंबर को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की जाएगी, जिसमें तमाम महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा होगी. इस बैठक के बारे में जानकारी मिल रही है कि देश में अभी जो वर्तमान परिस्थिति है इस पर चर्चा होगी और इन मुद्दों पर जदयू का स्टैंड क्या है ये बात भी रखी जाएगी. साथ ही आने वाले लोकसभा चुनाव में किन मुद्दों पर जनता के बीच जाएगी इसकी भी चर्चा होगी.

सूत्र बताते हैं कि जदयू चुनाव में जातिगत गणना के मुद्दे और आरक्षण का दायरा बढ़ाने के बाद की परिस्थितियों को उठाने की तैयारी करेगा. साथ ही बिहार को विशेष राज्य के दर्जे का मुद्दा भी उठाने की कोशिश की जाएगी. इसके अलावा नीतीश कुमार के विकास कार्यों को भी जनता तक घर घर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी के सभी प्रदेशों में काम कर रहे जितनी भी प्रकोष्ठ है उसके जिलाध्यक्ष, सभी सांसद, मंत्री भी मौजूद रहेंगे. इस दौरान बैठक को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, नीतीश कुमार सहित पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं का भी संबोधन होगा.
