साल 2024 में करीब 55 दिन विवाह के लिए अति शुभ होंगे. साल 2023 की तुलना में 2024 में मांगलिक दिन कम हैं. खरमास के बाद जनवरी, फरवरी, मार्च, मई, जून, नवम्बर व दिसम्बर में दूल्हा-दुल्हन सात फेरे ले सकेंगे. नये साल में मई और जून में मांगलिक दिनों का अभाव है. खरमास समाप्ति बाद 15 जनवरी को मकर राशि के सूर्य होंगे और 17 जनवरी से शुभ दिन शुरू हो जाएंगे. 17 जनवरी से लेकर 12 मार्च के बीच ही मांगलिक दिन हैं.

एक माह रहेगा खरमास
14 मार्च से मीन राशि के सूर्य हो जाने की वजह सौर चैत्र मास में खरमास शुरू होगा. 14 अप्रैल को मेष राशि के सूर्य होने के साथ खरमास खत्म होगा. इसके बाद 29 अप्रैल को शुक्र पूरब में अस्त हो जाएंगे और मांगलिक दिन पर ब्रेक लग जाएगा. 6 मई से पश्चिम में गुरु अस्त हो जाएंगे. इस कारण भी शुभ मुहूर्त का अभाव बना रहेगा. करीब दो माह बाद 18 जून को शुक्र उदय होंगे. 18 जून के बाद भी ग्रह-नक्षत्र ठीक होने की वजह से मांगलिक दिनों का बना रहेगा.

शादी-विवाह पर करीब चार माह का ब्रेक
गया वैदिक मंत्रालय पाठशाला के पंडित राजा आचार्य ने बताया कि ग्रह नक्षत्र बल के सामान्य होने के बाद 9 जुलाई से विवाह शुरू होंगे. 17 जुलाई तक शहनाई बजेगी. 18 जुलाई से चातुर्मास शुरू होगा. हरिशयन दोष के कारण शादी-विवाह पर करीब चार माह का ब्रेक लग जाएगा. 12 नवम्बर को चातुर्मास खत्म होगा. तुलसी विवाह के साथ बैंड-बाजा व बाराती की धूम मचेगी. 15 दिसंबर तक विवाह होंगे. 16 दिसम्बर से खरमास शुरू होगा. फिर नए साल यानी 2025 में मकर संक्रांति के बाद ही दुल्हा-दुल्हन सात फेरे ले सकेंगे.