मुजफ्फरपुर : एक प्रयास मंच के द्वारा पुरानी गुदरी बहलखाना रोड स्थित एक प्रयास मंच कार्यालय में सामाजिक शिक्षक व समाज सुधारक भारत के महान विभूति संत गाडगे महाराज की 148वीं जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंच के संस्थापक संजय रजक ने कहा कि गाडगे बाबा समाजिक शिक्षक व समाज सुधारक व्यक्ति थे। उन्होंने अपने सन्देश में यह कहा है कि शिक्षा हर किसी के लिए अति आवश्यक है, यदि खाने की थाली बेचनी पड़े तो बेचकर शिक्षा ग्रहण करो।

उन्होंने समाज में शिक्षा का प्रकाश फैलाने के लिए 21 शिक्षण संस्थानों तथा 100 से अधिक अन्य संस्थानों की स्थापना की। वो जब भी किसी गांव में जाते हैं वहां की गंदगी देख खुद साफ सफाई करने लग जाते गांव वाले इनके कार्य से खुश होकर कुछ पैसे दे देते और इन पैसों से बाबा अनेक सामाजिक कार्य गांव में स्कूल, अस्पताल ,धर्मशालाएं, गौशालाए तथा छात्रावासों का निर्माण कराया। 1 मई 1983 को महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर विश्वविद्यालय को विभाजित कर संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय की स्थापना की।

20 दिसंबर 1998 को भारत सरकार ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किए गए। उनको महान कार्यों को याद करते हुए लोगो ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर रमेश रजक, कैलाश रजक, शिव कुमारी देवी, विना देवी, किरण देवी, शैल देवी, बेबी देवी आदि गणमान्य उपस्थित रहें।
