केके पाठक इन कुलपतियों और अफसरों की बढ़ा दी परेशानी, जानें मामला

शिक्षा विभाग के उप निदेशक दीपक कुमार सिंह के आदेश पर वीर कुंवर सिंह वि. (वीकेएसयू), जय प्रकाश वि. (जेपीवि) एवं मगध वि. के कुलपति व कुल सचिव के विरुद्ध प्राथमिकी के लिए संबंधित थानों में सोमवार को आवेदन दिया गया है। आवेदन में वीकेएसयू व जेपीवि के परीक्षा नियंत्रक के नाम भी शामिल हैं। मगध वि. के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार गत 28 फरवरी को शिक्षा विभाग की बैठक में शामिल हुए थे, इसलिए उनके विरुद्ध आवेदन नहीं दिया गया है।

बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर मांगा गया था स्पष्टीकरण

इससे पूर्व उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय के बैंक खाते के संचालन पर रोक लगाते हुए कुलपति एवं कुलसचिव से शिक्षा विभाग की बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। उत्तर नहीं मिलने पर प्राथमिकी कराने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, अभी तक आवेदन के आधार पर किसी थाने में प्राथमिकी नहीं की गई है। मगध वि. थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार ने बताया कि प्राथमिकी के संबंध में आरडीडीई कार्यालय से पत्र सोमवार शाम तक प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र प्राप्त होने पर वरीय अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।

इनके खिलाफ दिया गया आवेदन

भोजपुर (आरा) के डीईओ अहसन ने नवादा थाने में वीर कुंवर सिंह वि. के कुलपति प्रो. शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी, कुल सचिव प्रो. रणविजय कुमार एवं परीक्षा नियंत्रक प्रो. अनवर इमाम पर प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है। सारण प्रमंडल के क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक (आरडीडीई) विनय कुमार सिंह ने जयप्रकाश वि. के कुलपति प्रो. (डॉ.) परमेंद्र कुमार बाजपेई, कुलसचिव प्रो.(डॉ.) रणजीत कुमार एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. दिलीप कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी करने के लिए छपरा मुफस्सिल थाने में आवेदन दिया है। मगध प्रमंडल की आरडीडीई पूनम कुमारी ने मगध वि. के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही व कुल सचिव डॉ. समीर कुमार शर्मा पर प्राथमिकी के लिए विश्वविद्यालय थाने में आवेदन दिया है।

जानें शिक्षा विभाग का आदेश

शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक को परीक्षा कार्यों की समीक्षा के लिए 28 फरवरी को बैठक में बुलाया गया था। बैठक में उपस्थित नहीं होने, विशेषकर लंबित परीक्षाओं के संबंध में उपस्थित होकर पूरा प्रतिवेदन नहीं देने तथा विभागीय लोक सेवकों को परीक्षा सही समय पर लेने एवं परीक्षा फल प्रकाशित करने में सहयोग करने में विफल होने के कारण कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कुल सचिव ने कहा-प्राथमिकी का कोई मामला नहीं बनता

मगध वि. के कुल सचिव डॉ. समीर कुमार शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग को पहले ही अवगत करा दिया गया था कि एक मार्च को उनके वि. का स्थापना दिवस है। शिक्षा विभाग की बैठक वित्त से जुड़ी थी। इसमें वित्त पदाधिकारी व वित्तीय परामर्शी को जाना था। प्रशासनिक व शैक्षणिक मामला राजभवन को देखना होता है। इस कारण राजभवन से बैठक में जाने से मना कर दिया गया था। ऐसे में प्राथमिकी का कोई मामला नहीं बनता है। उन्होंने बताया कि वि. अधिनियम 1976 की धारा तीन में उल्लेख है कि विश्वविद्यालय स्वायत्त संस्था है।

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