सक्षमता परीक्षा के बाद शिक्षक नियोजन में फर्जीवाड़ा, एक ही प्रमाणपत्र पर कई शिक्षक कर रहे नौकरी

बिहार में सक्षमता परीक्षा के बाद शिक्षक नियोजन में फर्जीवाड़े का मामला एक बार फिर से सामने आया है। पश्चिमी चंपारण जिले के 15 शिक्षक शिक्षा विभाग के रडार पर हैं। शिक्षकों द्वारा अपलोड किए गए कागजातों से बड़ा खुलासा हुआ है।

एक ही बीटेट एस्टेट व सीटेट प्रमाण पत्रों पर कई कई शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप है। वहीं इस फर्जीवाड़ा के बाद सक्षमता परीक्षा में सफलता के बाद भी नियोजित शिक्षकों की कई स्तरों पर जांच होगी।

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा के दरम्यान थंब इंप्रेशन (अंगूठे का निशान) लिया गया था। बायोमेट्रिक उपस्थिति के मिलान के अलावा शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच की जाएगी। इसके बाद ही सफल नियोजित शिक्षकों को जिला आवंटित किया जाएगा।

सक्षमता परीक्षा देने वाले सभी नियोजित शिक्षकों को नयी प्रक्रिया के तहत योगदान कराया जाएगा। परीक्षा समाप्ति के बाद अब परीक्षा में शामिल सभी शिक्षकों को थंब इंप्रेशन और बायोमेट्रिक मिलान कराना है।

शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखा है। साथ ही चयनित एजेंसी के माध्यम से सभी जिलों में दो-दो मशीन (ऑपरेटर सहित) दो महीने के लिए कार्यालय को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सक्षमता परीक्षा उत्तीर्णता के बाद सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की विद्यालय आवंटन के पूर्व काउंसिलिंग होगी। इसमें उनके प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। इसके अलावा अंगूठे का निशान और अन्य बायोमेट्रिक मिलान किया जाएगा।

तीन बार कराया जाएगा मिलान

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कहा है कि सभी शिक्षक अभ्यर्थी का तीन बार थंब इंप्रेशन (अंगूठे का निशान) और बायोमेट्रिक मिलान किया जाना है। पहला परीक्षा केंद्र पर हो गया है। अब परीक्षा के बाद मूल प्रवेश शिक्षक अभ्यर्थी द्वारा संबंधित जिला के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को समर्पित करना होगा।

इस दौरान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा शिक्षक अभ्यर्थी का थंब इंप्रेशन (अंगूठे का निशान) और बायोमेट्रिक मिलान किया जाएगा। साथ में मूल प्रवेश पत्र को पोर्टल पर अपलोड कर मूल प्रवेश पत्र को कार्यालय में सुरक्षित रखा जाएगा।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading