बिहार : सीमांचल में बैकफुट पर ओवैसी ने महज 2 सीट पर लड़ने का किया ऐलान

पटना. लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार के सियासी हलके से बड़ी खबर आ रही है. सीमांचल में अपनी मजबूत पैठ रखने वाले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM इस इलाके में सिर्फ किशनगंज और अररिया सीट पर लड़ेगी. पार्टी इस बार के चुनाव में पूर्णिया और कटिहार नहीं लड़ेगी. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख़तरूल ईमान ने एलान किया है कि AIMIM सीमांचल की दो सीटों पर ही लोकसभा का चुनाव लड़ेगी जबकि AIMIM ने कुछ दिन पहले ही ये एलान किया था कि AIMIM बिहार में 13 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. ऐसे समय में जब सीमांचल में उम्मीदवार के नाम की घोषणा भी होने लगी थी AIMIM ने उम्मीदवारी को लेकर बड़ा बदलाव कर दिया है.

"I Don't Care": Asaduddin Owaisi On Not Being Invited To Join INDIA Bloc

अख्तरूल ईमान जो कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं से जब बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बताया कि ओवैसी साहब को बिहार में ज़्यादा चुनाव प्रचार करने के लिए वक्त नहीं मिल पा रहा था. इस वजह से पार्टी ने फैसला किया कि सीमांचल की सिर्फ एक सीट किशनगंज से ही पार्टी चुनाव लड़ेंगी. वहां से मैं खुद चुनाव लड़ रहा हूं वहीं बाकी जिन दस सीट पर सीटों पर एलान किया गया है वहां पर पार्टी फिलहाल चुनाव लड़ने की तैयारी में है.

AIMIM की घोषणा से महागठबंधन को बड़ी राहत मिली है और जो मुस्लिम वोटरो में बंटवारे के हालात बन सकते है थे अब वो नहीं होने की संभावना बढ़ गई है. AIMIM के इस एलान के बाद जदयू ने AIMIM पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि AIMIM ने पैसे लेकर उम्मीदवार वापस ले लिया है. जदयू MLC खालिद अनवर ने AIMIM पर आरोप लगाया है कि AIMIM के इस एलान से साफ है कि पार्टी या तो महागठबंधन के साथ सहयोगी हो गई है या तो फिर पैसे का खेल हुआ है लेकिन जनता सब देख रही है कि कैसे परिवारवादी और भ्रष्ट पार्टी के समर्थन में AIMIM खड़ी होती दिख रही है.

बहरहाल AIMIM सीमांचल में मजबूत पकड़ वाली पार्टी मानी जाती है और 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पांच विधानसभा सीटों पर कब्जा जमाया था और महागठबंधन को तगड़ा झटका लगा था लेकिन इस फैसले से फिलहाल महागठबंधन को बड़ी राहत मिलती दिख रही है.

      

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