बिहार के शिक्षा विभाग के ACS केके पाठक के नए फरमान ने हेड मास्टर और शिक्षकों को एक और टास्क दिया है। जिसके मुकाबिक अब टीचर्स को स्कूल के आसपास के इलाकों में घूम-घूमकर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। इसके अलावा मिशन दक्ष के तहत स्पेशल क्लास भी लेनी होंगी। और सुबह 10 बजे बच्चों को मिड डे मील मिल जाना चाहिए।
स्पेशल क्लासेस उन बच्चों के लिए चलाई जाती है। जो पढ़ने में कमजोर हों, और वार्षिक परीक्षा में फेल हो गए थे। या फिर एग्जाम में शामिल नहीं हुए हैं। उन बच्चों के लिए विशेष कक्षाएं चलाई जाती हैं। जो 15 अप्रैल से 15 मई तक चलेंगी। इन कक्षाओं को बच्चों के लिए मिड डे मील भी शामिल है।
इसके अलावा सुबह 11 बजे से हर संकुल संसाधन केंद्र पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जाएगी। जिसमें सभी प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को हिस्सा लेना होगा। और अपनी उपस्थिति दर्ज करानी पड़ेगी। अगर कोई इसमें हिस्सा नहीं लेता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इससे पहले एक आदेश में मुजफ्फरपुर में बिना सूचना के छुट्टी पर जाने वाले बीपीएससी से नियुक्त जिले के 22 शिक्षकों का इंक्रीमेंट कटेगा। डीईओ ने यह कार्रवाई की है। बीमारी व अन्य कारणों से बिना सूचना स्कूल से गायब रहने के 15-20 दिन बाद इन्होंने छुट्टी का आवेदन दिया है। जिले के अलग-अलग प्रखंड के शिक्षकों का यह मामला है।

इन शिक्षकों के आवेदन पर कार्रवाई करते हुए डीईओ ने डीपीओ स्थापना को निर्देश दिया है। डीईओ ने कहा कि ये सभी शिक्षक स्कूल से सीधे 15-20 दिनों के लिए चले गए और अब आकर बता रहे हैं कि इलाज कराने गए थे। या फिर अन्य कारण बताया जा रहा है। नियमानुसार इन्हें कार्यालय से लंबी छुट्टी की स्वीकृति लेनी है।





