बिहार में प्रचंड गर्मी से लू और डायरिया का बढ़ा खतरा, अस्पतालों में बढ़ी भीड़

गर्मी व लू के थपेड़ों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। सबसे अधिक परेशानी छात्रों को हो रही है। तपती दोपहरी में वे घर लौट रहे हैं। डायरिया व लू के शिकार आए दिन हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी क्लीनिकों में भी मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।

अप्रैल में पड़ रही गर्मी व लू ने पिछले कई वर्ष के रिकार्ड को तोड़ दिया है। सुबह आठ बजे के बाद से घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। जिससे लू की चपेट में आने से बचाया जा सके।

आज भी जिले का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस आंका गया जो सामान्य से अधिक रहा। प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट में कहा गया है कि दिन दस बजे के बाद तीन बजे दोपहर तक अनावश्यक बाहर नहीं निकलें। चूल्हा का राख आदि भी जहां-तहां नहीं फेंके। खाना भी इसके पूर्व बना लें। सासाराम व उसके आस-पास गांवों में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा।

तेज धूप व लू से गंभीर डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। डायरिया के कारण शरीर लगातार तरल पदार्थ खो देता है, जिससे शरीर में पानी की कमी के कारण निर्जलीकरण हो सकता है। जागरूकता के अभाव के कारण बच्चों को उल्टी दस्त के दौरान खाना देना बंद कर दिया जाता है, जिससे बच्चे में अधिक कमजोरी बढ़ जाती है।

बच्चों को उल्टी दस्त की शिकायत होने पर ओआरएस का घोल देना चाहिए। बच्चों को स्कूल कभी भी खाली पेट नहीं भेजें। सुबह में भी भरपेट भोजन कराकर ही स्कूल भेजें। लू से बचाव के लिए पूरे शरीर को सूती वस्त्र से ढंककर रखें। सिर, हाथ, पैर आदि भी ढंका रहना चाहिए।

डायरिया होने पर ओआरएस या नमक, चीनी, नमक व पानी का घोल देते रहनी चाहिए। नियंत्रण नहीं होने पर चिकित्सक से अवश्य मिलें।

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