शिक्षा विभाग के निशाने पर हैं सक्षमता परीक्षा देने वाले ऐसे शिक्षक

बिहार में सक्षमता परीक्षा के बाद शिक्षक नियोजन में फर्जीवाड़े का मामला फिर से सामने आया है। समस्तीपुर जिले के आठ शिक्षक शिक्षा विभाग के निशाने पर हैं। शिक्षकों द्वारा अपलोड किए गए कागजातों से मामला उजागर हुआ है। एक ही बीटेट प्रमाण पत्रों पर कई-कई शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। इसकी सूचना से शिक्षा विभाग में हड़कंप है। इस फर्जीवाड़े के बाद सक्षमता परीक्षा में सफलता के बाद भी नियोजित शिक्षकों की कई स्तरों पर जांच होगी।

Bihar: स्कूली शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य योग्यता तय, शिक्षा विभाग  ने जारी की अधिसूचना - Mandatory qualification fixed for appointment of  school teachers
माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसार श्रीवास्तव ने आदेश जारी किया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी शिक्षक अभ्यर्थी को विभागीय जांच समिति के समक्ष उपस्थित कराने के लिए सूचना का तामिला कराना सुनिश्चित करेंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश के बावजूद कोई शिक्षक अभ्यर्थी यदि उक्त निर्धारित अवधि में अपने प्रमाण पत्रों की जांच हेतु उपस्थित नहीं होंगे तो विभाग उस शिक्षक अभ्यर्थी को फर्जी घोषित करने का निर्णय ले सकता है। जिसकी सारी जवाबदेही संबंधित शिक्षक अभ्यर्थी की होगी।

13 व 14 मई जांच समिति के समक्ष उपस्थित होंगे शिक्षक अभ्यर्थी

शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें बताया है कि स्थानीय निकाय शिक्षक समक्षता परीक्षा 2024 प्रथम के अभ्यर्थियों द्वारा ऑनलाइन फॉर्म भरा गया था। इसमें राज्य स्तर पर एक ही शिक्षक का डुप्लीकेट के रूप में प्रमाण पत्र चिह्नित किया गया। समस्तीपुर जिले के प्राथमिक विद्यालय चांधरपुर के प्रकाश कुमार सिंह, उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोरवा डीह की चांदनी कुमारी और प्राथमिक विद्यालय जितवरिया पूर्वी की किरण कुमारी शामिल हैं। इसमें प्रकाश व चांदनी को 13 मई और किरण को 14 मई को जांच समिति के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। जांच के लिए विकास भवन नया सचिवालय स्थित डा. मदन मोहन झा स्मृति सभागार में सुबह 11 बजे से प्रमाण पत्रों के साथ जांच हेतु उपस्थित होना है।

प्रमाण पत्र संतोषजनक नहीं रहने पर फिर से होगी जांच

सक्षमता परीक्षा प्रथम में ऑनलाइन आवेदन भरने वाले जिले के तीन शिक्षक अभ्यर्थी का प्रमाण पत्र संतोषजनक नहीं पाया गया। ऐसे में 10 व 11 मई को पटना में प्रमाण पत्रों का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है। इसमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय फत्तेहपुर के दीपक कुमार का शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र और नियोजन प्रमाण पत्र की फिर से जांच होगी। उत्क्रमित मध्य विद्यालय पुरुषोत्तमपुर मिल्की के मुकेश सहनी का वेरीफिकेशन किया जाना है। जबकि, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय सुगापाकड़ कोयरी टोल की रुणा कुमारी के नियोजन पत्र में मुहर नहीं रहने के साथ ही 10 वीं और 12 वीं का एडमिट कार्ड उपलब्ध नहीं है।

इन शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की भी होगी जांच

शिक्षक सक्षमता परीक्षा देने के लिए आनलाइन भरे गए आवेदन पत्र में जिले के दो शिक्षक अभ्यर्थी का शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र पर एक ही क्रमांक अंकित है। समस्तीपुर जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिंघियाघाट की अर्चना कुमारी और मुजफ्फरपुर जिले के मध्य विद्यालय माधोपुर सिरसिया की अर्चना कुमारी का टीईटी प्रमाण पत्र एक समान मिला है। वहीं, समस्तीपुर प्राथमिक विद्यालय साह टोल की सोनी कुमारी का बीटीईटी प्रमाण पत्र पटना और नवादा की भी सोनी कुमारी एक जैसा है। इसको लेकर तीनों अभ्यर्थी को प्रमाण पत्र जांच कराने के लिए बुलाया गया है।

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