मुंगेरः मोकामा के बाहुबली और जेडीयू के पूर्व विधायक अनंत सिंह 15 दिनों के पैरोल पर जेल से बाहर आ गए है. स्वागत में क्रेन से फूलों की बारिश के साथ अनंत सिंह जेल से बाहर निकले है.लेकिन आरोप लग रहा है मुंगेर की लडाई में एनडीए गठबंधन से जेडीयू के उम्मीदवार ललन सिंह कमजोर पड़ रहे है.इसलिए अनंत सिंह का सहारा लेने के लिए उन्हें जेल से बाहर लाया गया है.

मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में 13 मई को मतदान है.जेडीयू सांसद ललन सिंह के सामने मुंगेर सीट इस वक्त चुनौती बनी हुई है. वजह है कुख्यात अपराधी अशोक महतो, जो कुछ महीने पहले ही जेल से बाहर आया है. मुंगेर सीट पर अपनी दावेदारी और उम्मीदवारी के लिए खरमास में ही उसने अनिता से शादी की और पत्नी अनीता महतो को महागठबंधन से आरजेडी का टिकट दिलाकर ललन सिंह के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा दिया है. अशोक महतो धानुक जाति से हैं और पत्नी कुर्मी है लिहाजा वोट की गणित में अशोक महतो ललन सिंह पर भारी पड़ रहा है. ऐसे में आरोप लग रहा है ललन सिंह को चुनाव में जीत दिलाने के लिए अनंत सिंह का सहारा लिया गया है.

दरअसल एक वक़्त था जब नीतीश कुमार के ख़ास रहे अनंत सिंह उर्फ़ ‘छोटे सरकार को जेल जाना पड़ा. वैसे तो अनंत सिंह 2018 से पहले कई संगीत अपराधीक मामले चल रहे थे जिसमे अनंत धीरे-धीरे बरी हो रहे थे. लेकिन अचानक खेल में बड़ा मोड़ तब आया जब साल 2019 में अनंत सिंह के लदमा स्थित पैतृक घर से एक एके-47, कुछ जिंदा कारतूस और हैंड ग्रेनेड मिलने की वजह से कोर्ट में दोषी साबित हुए और दस साल की सज़ा हुई और अनंत सिंह की सदस्यता चली गई.

अनंत सिंह को फसाने और जेल भेजवाने के इस खेल का आरोप लगा नीतीश कुमार के सबसे करीबी पर. शायद वही बात आज कांग्रेस भी दुहरा रही है. कांग्रेस आरोप भी लगा रही है कि जो लोग अनंत सिंह को जेल भेजवाया वही आज जेल से बाहर कराकर चुनाव में उपयोग करेंगे. तब अनंत सिंह को सजा होने पर विधानसभा मोकामा सीट पर उपचुनाव हुए और अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को आरजेडी ने टिकट दिया और उनकी जीत हुई.




