लोकसभा चुनाव के बीच आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के एक बयान से बिहार की सियासत में तूफान खड़ा हो गया है। पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर जनता को भड़काने का आरोप लगाते हुए लालू यादव ने कहा है कि मुसलमानों को आरक्षण मिलना चाहिए। राजद सुप्रीमो के इस बयान पर बीजेपी और एनडीए के नेता भड़क गए हैं। बीजेपी प्रवक्ता राकेश कुमार सिंह और दानिश इकबाल ने कहा है कि लालू प्रसाद के परिवारवाद और भ्रष्टाचार से लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने लालू यादव की इस बयान के लिए घोर निंदा की है।
लालू पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रवक्ता राकेश कुमार सिंह ने कहा है कि लालू यादव और उनके परिवार के लोगों ने लोकतंत्र का मजाक बना दिया और संविधान की धज्जियां उड़ा दीं। उन लोगों ने जितने भी काम किए, सब नियम कानून के विपरीत किए। जेल में रहकर सत्ता चलाने वाले, करोड़ों लोगों का निवाला छीनने वाले, पशुओं का चारा तक खा जाने वाले आज संविधान और लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं। उन्हें पता होना चाहिए आज लोकतंत्र की कमान एक मजबूत सेवक के हाथ में हैं। लालू प्रसाद जैसे लोगों के कारण राज्य की जनता बार बार संकट में पड़ जाती है। आज देश की जनता को लालू जैसे परिवारी वादी और भ्रष्टाचारी लोग लूट रहे हैं।
दूसरी ओर दानिश इकवाल ने बताया कि मुस्लिम आरक्षण के कारण बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान के विरोधी लालू यादव आज संविधान को बचाने की बात कहते हैं। उन्हें यह शोभा नही देता। देश में मजहब या धर्म के आधार पर कभी आक्षण हो ही नहीं सकता। सामाजिक न्याय के आधार पर आरक्षण दिया जाएगा। लालू यादव की मंशा कभी पूरी नहीं होगी।
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने मुसलमानों को आरक्षण की बात कहने के लिए लालू यादव पर जोरदार हमला बोला। सम्राट चौधरी ने कहा कि जब मुख्यमंत्री थे तो मुसलमानों को भड़काकर आरक्षण के नाम पर धार्मिक उन्माद फैलाने का काम किया। आज भी लालू जी के नाम से लोग डरते हैं। उनके राज में बिहार में कानून का साशन समाप्त हो गया था। उधर विजय सिन्हा ने कहा कि इनका वश चलता तो ये अपराधी, उग्रवादी और भ्रष्टाचारी के लिए विशेष रिजर्वेशन ला देते। जनता ने विपक्ष लायक भी नहीं छोड़ा फिर भी संभलने को तैयार नहीं हैं।




