पटना: बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए अबतक 14 लोकसभा सीटों पर चुनाव हो चुके हैं। इन तीन चरणों के चुनाव में जहां एनडीए के तरफ से तमाम बड़े नेता बिहार दौरे पर आकर चुनावी जनसभा कर रहे हैं और लोगों को रिझाने में जुटे हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के तरफ से तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के अलावा कोई बड़े नेता नजर नहीं आए। सबसे बड़ी बात है कि बिहार में अबतक कांग्रेस के कोई बड़े नेता अधिक समय नहीं दे पा रहे हैं। राहुल गांधी भागलपुर आए भी तो महज 20 मिनट में ही निकल गए। राहुल ने कैंडिडेट की भाषण तक सुनना मुनासिब नहीं समझा।

दरअसल, बिहार में कांग्रेस के सांसद महागठबंधन के दूसरे घटक दल भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के चुनावी जनसभाओं की अपेक्षा जता रहे हैं। लेकिन, फिलहाल जो वस्तुस्थिति है उसके मुताबिक इन दोनों के पास बिहार के लिए समय नहीं है। बिहार में अब तक राहुल की एकमात्र सभा हुई है और आगे छठे चरण से पहले कोई संभावना भी नजर नहीं आ रही है। हालांकि कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे चौथे और पांचवे चरण में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा के लिए दूसरी बार बिहार आने वाले हैं।

ऐसा कहा जा रहा है कि, राहुल और प्रियंका गांधी को उत्तरी राज्यों से ही फुर्सत नहीं है। इन राज्यों में उन्होंने अपनी इतनी जनसभा रख रखी है कि उनके लिए बिहार आना संभव नहीं है। जबकि बिहार में कांग्रेस 9 लोकसभा सीटों चुनाव लड़ रही है और इसके कई कैंडिडेट पहली बार चुनावी मैदान हैं। इसके बाबजूद राहुल और प्रियंका बिहार में अधिक रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

आपको बताते चलें कि बिहार में महागठबंधन का पहला कांग्रेस मात्र 9 संसदीय क्षेत्र में चुनाव लड़ रही है उनमें से एक भागलपुर में राहुल गांधी की जनसभा हुई है। जहां दूसरे चरण के अंतर्गत मतदान संपन्न हुआ। दूसरे चरण में कांग्रेस के खाते की तीन सीटों पर चुनाव हो जाने के बाद उसकी दावेदारी की चौथे चरण में समस्तीपुर लोकसभा सीट पर है।
यहां जो कैंडिडेट मैदान में हैं वो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बाबजूद यहां राहुल गांधी या प्रियंका गांधी की कोई जनसभा नहीं होने वाली है। इसके बाद 5वें चरण में कांग्रेस मुजफ्फरपुर में चुनाव लड़ रही है। पहले ऐसी संभावना थी कि यहां राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की जनसभा हो सकती है। लेकिन अब यहां भी राहुल गांधी के आने की संभावना न के बराबर है।




