लोकसभा चुनाव 2024 में बिहार के रूझान चौंकाने वाले साबित हो रहे हैं. यहां की 40 सीटों में से 34 पर एनडीए और छह पर महागठबंधन के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भाजपा को भारी नुकसान होता दिख रहा है. जबकि राम मंदिर के निर्माण, सीएम योगी के कानून-व्यवस्था के मुद्दे और खुद पीएम मोदी के चेहरा होने के बावजूद वहां पर भाजपा को भारी नुकसान हो रहा है.

सुबह 10:40 बजे के रूझानों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 40 पर एनडीए और 39 पर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. जबकि बीते 2019 के चुनाव एनडीए के पास 64 सीटें थी. इस तरह देखा जाए तो देश के इस सबसे बड़े सूबे में भाजपा को भारी नुकसान होता दिख रहा है.

दूसरी तरफ बिहार में एनडीए अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में दिख रहा है. ऐसे में एक तर्क यह दिया जा सकता है कि राज्य में नीतीश कुमार के भाजपा के साथ आने की वजह से उसका प्रदर्शन बेहतर रहा है. राज्य की 16 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली जदयू 15 सीटों पर आगे है जबिक 17 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली भाजपा केवल 12 सीटों पर आगे हैं. बीते 2019 के चुनाव एनडीए को 40 में से 39 सीटें मिली थीं.

इस तरह बिहार को लेकर सभी चुनावी पंडितों का अनुमान बकवास साबित हो रहा है. राज्य में सभी ने यह अनुमान लगाया था कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद सबसे ज्यादा जदयू को नुकसान पहुंचाएगा. लेकिन, रूझान में ये सारी बातें बेकार साबित हो रही हैं. जदयू बेहतरीन प्रदर्शन करती दिख रही है. ऐसे जो लोग नीतीश कुमार के पाला बदलने पर उनकी पार्टी के कमजोर या खत्म हो जाने की बातें करते थे वे आज पूरी तरह गलत साबित होते दिख रहे है.





