बदल जाएगी बिहार की तस्वीर, सालों से अटके इन 6 स्टेट हाईवे के निर्माण का रास्ता हुआ साफ

पटना. चुनाव के बाद एक बार फिर से विकास कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है. केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल भी ठीक हो गई है. नतीजन, सालों से अटके बिहार के 06 स्टेट हाईवे के निर्माण को लेकर मंजूरी मिल गई है. जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रकिया शुरु हो जाएगी. इसके बाद इन 06 स्टेट हाईवे से जुड़े जिलों का आर्थिक के साथ सामाजिक विकास भी होना तय है. आपको बता दें कि ये सभी सड़कें पिछले डेढ़ साल से अटकी थी. सभी बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट-4 के फेज-1 की सड़कें हैं. इन 06 सड़कों को बनाने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक से 200 मिलियन डॉलर लोन लिया जाएगा. जल्द ही फाइनल डीपीआर बनाने और जरूरी 73.71 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है.

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लोन के लिए नहीं मिल रहा था गारंटर

इन सभी 06 स्टेट हाइवे को 2 लेन यानी 7 मीटर चौड़ा (3 मीटर फ्लैंक) करने की तैयारी है. बिहार राज्य पथ विकास निगम ने दो साल पहले बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट-4 के तहत कुल 10 सड़क परियोजनाएं बनाई थी. निगम की अधिकारियों की मानें तो एडीबी एक साथ करीब 400 मिलियन डॉलर से अधिक राशि देने को तैयार नहीं हुआ. नतीजन योजना केन्द्र और राज्य सरकार के बीच अटकी रही. आपको बता दें कि एडीबी लोन तभी देता है जब राज्य सरकार की गारंटर के रुप में केन्द्र सरकार खड़ी होती है. तब केन्द्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल नहीं होने से मामला अटका रहा. अब तालमेल ठीक होते ही एडीबी को गारंटर भी मिल गया और बिहार को 06 स्टेट हाइवे भी मिलने की प्रक्रिया शुरु हो गई. अगले साल से निर्माण कार्य शुरु करने की तैयारी है.

बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट-4 के फेज-1 के तहत 41.26 किमी लंबी बनगंगा-जेठियन-गेहलौर-बिंदस रोड पहली परियोजना है. इसको बनाने में करीब 373.33 करोड़ की लागत आएगी. इसमें भी 13.43 हेक्टर जमीन का अधिग्रहण होना बांकी है. इस सड़क के बन जाने से गया से राजगीर की दूरी 10 किमी कम होगी. दशरथ मांझी द्वारा बनाई गई सड़क इसी किनारे है.

दूसरी परियोजना आरा-एकौना-खैरा-सहार रोड है. इसकी कुल लंबाई 32.26 किमी है. इसको बनाने में कुल लागत 348.65 करोड़ रुपए है. 0.17 हेक्टर जमीन का अधिग्रहण होना बांकी है. इससे आरा और अरवल की सीधी कनेक्टिविटी होगी. नक्सल प्रभावित इलाके में यातायात सुगम होगा. छपरा-मांझी-दरौली-गुठनी तीसरी परियोजना है. इसकी कुल लंबाई 72.18 किमी है. बनाने में कुल लागत 726.54 करोड़ रुपए आएगी. अभी 10.76 हेक्टर जमीन का अधिग्रहण होना बांकी है. इस सड़क से छपरा शहर से यूपी के मऊ, देवरिया, गोरखपुर से आना-जाना अब आसान हो जाएगा.

धोरैया- इंग्लिस मोड़- असरगंज रोड इस फेज की चौथी परियोजना है. 707.44 करोड़ रुपए की लागत से 58.47 किमी सड़क का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए 18.06 हेक्टर जमीन का अधिग्रहण होना बांकी है. इसके बन जाने से मुंगेर-भागलपुर-बांका-जमुई जिले में आवागमन सुगम होगा. क्षेत्र का विकास होगा. सीतामढ़ी-पुपरी-बेनीपट्टी रोड पांचवी स्टेट हाइवे है. 603.11 करोड़ की लागत से 51.12 किमी लंबी सड़क का निर्माण होगा. 15.86 हेक्टर जमीन का अधिग्रहण करना बचा हुआ है. इसके बन जाने से सीतामढ़ी और मधुबनी जिलों में आर्थिक गतिविधि बढ़ने साथ समय कह भी बचत होगी.

हथौड़ी-औराई रोड में ब्रिज या एप्रोच रोड, छठी सड़क परियोजना है. 21.3 किमी लंबी यह सड़क होगी और इसको बनाने में कुल 857.31 करोड़ रुपए की लागत लगेगी. 15.03 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना बांकी है. मुजफ्फरपुर के बाढ़ग्रस्त इलाके में बागमती पर इस ब्रिज का निर्माण होगा. इससे सालों भर आवागमन जारी रहेगा. बरसात में लोगों को सहूलियत मिलेगी.

 

 

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