पटना. सात को देखते हुए मिड डे मील के मीनू में बदलाव के किया गया है. अब एमडीएम में बैंगन, भिंडी और साग नहीं परोसे जाएंगे. जी हां, बरसात के मौसम में प्रारंभिक विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन के तहत बैगन, भिंडी, साग और पत्तागोभी परोसने से विभाग ने मना कर दिया है.

इसके साथ ही बरसात के मौसम में विद्यालय एवं रसोईघर सह भंडारगृह में विशेष साफ सफाई रखने के संबंध में मध्यान्ह भोजन योजना बिहार के निदेशक मिथिलेश मिश्र ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मध्यान्ह भोजन योजना को पत्र जारी कर कहा है कि प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना अंतर्गत बच्चों को गर्म, ताजा, पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है.

बताते चलें कि बारिश के मौसम में बैगन में कीड़े तेजी से पनपने लगते हैं. इसलिए अगर इस मौसम में बैगन, साग अथवा भिंडी का सेवन किया जाए तो इसमें मौजूद कीड़े शरीर में जाकर कई तरह की समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं. दरअसल, बारिश के मौसम में कुछ सब्जी और सागों का एसिडिक लेवल काफी बढ़ जाता है, जो शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है.

किचन की समुचित साफ-सफाई के निर्देश
वहीं, बरसात के इस मौसम में सभी प्राइमरी व मिडिल स्कूलों की विशेष रूप से साफ-सफाई करने व किचेन की भी समुचित साफ-सफाई निर्देश का दिया गया है. एमडीएम निदेशक ने अपने पत्र में कहा है कि स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को गर्म एवं ताजा पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए. स्कूल स्तर पर साफ-सफाई के अभाव में अप्रिय घटना की संभावना बनी रहती है, जिससे बचाव भी अत्यंत आवश्यक है.

बरसात के मौसम में यह और भी चुनौती भरा कार्य हो जाता है. एमडीएम निदेशक ने भोजन में उपयोग किए जानेवाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के बाद ही उसे इस्तेमाल करने, जल स्त्रोत व शौचालय की साफ-सफाई कराने और स्कूल स्तर पर कचड़ा प्रबंधन की समुचित प्रक्रिया का अनुपालन स्कूलों के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक व एमडीएम के प्रखंड साधन सेवी के माध्यम से कराने का निर्देश भी दिया है.






