बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी वीआईपी के सुप्रीमो मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की बेरहमी से से हत्या कर दी गई है। अपराधियों ने घर में घुसकर धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी। शव को इतना कर दिया क्षत विक्षत कर दिया जिसे आप देख नहीं पाएंगे। बिहार के इस बड़े हत्याकांड पर राज्य के लॉ एंड ऑर्डर पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक गलियारों से सरकार पर हमले का दौर शुरू हो गया है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बीजेपी और नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए डबल इंजन सरकार पर जबरस्त प्रहार किया है। कहा है कि राज्य में बीजेपी का रावण राज कायम हो गया है।

पूर्णिया सांसद ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा है कि पूर्व मंत्री मुकेश सहनी जी के पिता जीतन सहनी जी की दरभंगा में निर्मम हत्या BJP के रावणराज का पुख़्ता प्रमाण है। हत्या दर हत्या से कोहराम मचा है,नीतीश जी के शासन का इकबाल खत्म हो गया है।अब प्रशासनअपराधियों के बजाय निर्दोषों को फंसाने का निज़ाम बन गया है। मुकेश जी के हम साथ हैं। पप्पू यादव ने स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कांड के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो जिनके ऊपर इलाके के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

इस मामले में दरभंगा पुलिस ने प्रथम दृष्टया चोरी के लिए हत्या की बात कही है। डीएसपी मनीष ठाकुर ने अपने बयान में यह बात कही है। प्रेस को दिए बयान में उन्होंने कहा कि अपराधी संभवतः चोरी करने आए थे और विरोध करने पर हत्या कर दी। लेकिन पुलिस की इस थ्योरी को स्थानीय लोग नकार रहे हैं। क्योंकि जिस प्रकार से उनके ऊपर प्रहार किया गया है उससे लगता है कि बदमाश इरादतन हत्या की नीयत से आए थे। उनके शरीर को कई स्थानों पर काट दिया गया है। इतना नहीं हत्यारों ने उनका पेट चीर कर अंदरूनी अंग बाहर निकाल दिए। मृतक का शव देखने लायक नहीं है।

इस बड़े और सिसायी जमात के संबंधी की हत्याकांड में दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने एसआईटी का गठन कर दिया है। ग्रामीण एसपी काम्या मिश्रा के नेतृत्व में गठित एसआईटी मामले की जांच करेंगी। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम में बिरौल एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी और बिरौल एसएचओ और तकनीकी कोषांग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
दरभंगा को शामिल किया गया है। एसआईटी इस मामले में जल्द से जल्द अपना रपोर्ट पेश करेगी जिसके आधार पुलिस आगे की कार्रवाई की गयी है। इस हत्या कांड से बिहार के सियासी गलियारे में भूचाल आ गया है। नीतीश कुमार के सुसाशन के दावों पर इस हत्याकांड से गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।


