भागलपुर से जल्द ही 20 सीट की एयर टैक्सी भरेगी उड़ान, छोटे विमान परिचालन की मिली मंजूरी

सिल्क सिटी के रूप में विश्व भर में मशहूर बिहार के भागलपुर से जल्द ही 20 सीट की एयर टैक्सी उड़ान भरेगी। राज्य सरकार ने छोटे विमान परिचालन की मंजूरी दी है। छोटे विमान सिर्फ राज्य में ही उड़ान भर सकेगी। इससे भागलपुर से पटना जाना आसान होगा। बताया जाता है कि ये विमान राज्य के अंदर ही अपनी सेवा देंगे। यानी बिहार के बाकी हवाई अड्डों को जोड़ेंगे। विमान की मंजूरी मिलने के बाद इसकी बोलियां भी लगाई जा चुकी हैं। बुधवार को प्रशासनिक महकमे में दिन भर मंजूरी मिलने की चर्चा होती रही। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।

यहां से चलने वाले विमान राज्य के सभी हवाई अड्डे से कनेक्ट रहेंगे। इससे बिहार के लोगों को राज्य में एक से दूसरी जगह जाने में आसानी हो जाएगी। बताया जाता है कि विमान सेवा की मंजूरी मिलते ही भागलपुर से पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मोतिहारी, रक्सौल हवाई अड्डों के लिए बोलियां लगनी शुरू हो गयी हैं। सभी जगह हवाई अड्डों का निर्माण और विकास किया जाएगा, ताकि आवागमन का मार्ग सुगम हो।

अब जल्द ही राज्य सरकार से छोटे विमान के संचालन के लिए हवाई अड्डा के विकास और भविष्य में श्रेणी 3 सी के विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया जाएगा। सिविल विमानन निदेशालय से मंजूरी के बाद वर्तमान हवाई अड्डा परिसर में आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ सुरक्षा, अग्निशमन सेवाओं, मौसम संबंधित सेवाओं, हवाई अड्डों के संचालन और प्रबंधन का इंतजाम करने के लिए पत्र लिखने की तैयारी हो रही है।

भागलपुर से चल चुकी है 36 सीटर कलिंगा एयरवेज

भागलपुर से 54 साल पहले एयर सर्विस हुआ करती थी। जिस छोटे विमान को भागलपुर से चलाने अभी मंजूरी देने की बात हो रही है उस विमान की सेवा इसी हवाई अड्डा से दो साल तक चल चुकी है। उस समय कलिंगा एयरवेज की विमान सेवा थी। वह 1969-1971 का दौर था जब 36 सीटों वाली एयरवेज की भागलपुर से सेवा थी। फ्रेंचाइजी चलाने वाले एक व्यावसायिक परिवार के सूत्रों के अनुसार तब ट्रेनों में एसी की सुविधा नहीं थी। दानापुर फास्ट पैसेंजर ट्रेन शाम में चलती थी और उसका किराया 6.50 रुपये था जबकि विमान का किराया 125 रुपये। इसलिए यह सेवा ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो पायी। ट्रेनें बढ़ने लगीं, उसमें सुविधाएं बढ़ीं, स्पीड बढ़ी तो उसकी लोकप्रियता ज्यादा हो गई। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading