पटना के तीन स्थानों पर जल स्तर लाल निशान के पार, टेंशन में लोगों

पटना में गंगा नदी रौद्र रूप में आ गई है। पटना में तीन स्थानों पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। गांधी घाट के बाद अब दीघा घाट और हाथीदह में पानी में तेजी से वृद्धि हुई है। हालांकि गांधी घाट पर जलस्तर स्थिर है।

Ganga 12 cm above the red mark at Gandhi Ghat; Son and Punpun below danger  mark | 24 घंटे में 4 सेमी बढ़ा जलस्तर: गांधी घाट पर लाल निशान से 12 सेमी

गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल की रिपोर्ट के अनुसार गांधी घाट पर 66, दीघा घाट पर तीन और हाथीदह में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। पुनपुन और सोन नदी में भी उफान है हालांकि उसका पानी फिलहाल स्थिर है।

पटना के ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कों व खेतों में फैला गंगा का पानी

गंगा के अलावा पुनपुन और सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। श्रीपालपुर में शाम तक पुनपुन खतरे के निशान को पार कर गई। पुनपुन बाढ़ नियंत्रण के जेई राहुल कुमार ने बताया कि शुक्रवार की शाम चार बजे तक श्रीपालपुर मे पुनपुन नदी के जलस्तर खतरे के निशान से एक सेमी ऊपर है।

मनेर दियारा के निचले इलाके छिहत्तर और महावीर टोला को जोड़ने वाली सड़क जलमग्न हो गई है। दानापुर के दियारा इलाके में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। अभी से ही लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में जुट गए हैं।

गांधी घाट के बाद हाथीदह में भी खतरे का निशान पार

गांधी घाट पर जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह यहां पानी खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर ऊपर था। इसी तरह दीघा घाट पर 24 घंटे में पानी 40 सेंटीमीटर से ज्यादा बढ़ गया है। जेपी गंगा पथ के अंडरपास वाला रास्ता भी जलमग्न हो गया है। इनके बीच से ही लोग जरूरी कामकाज के लिए आवागमन कर रहे हैं। दियारा क्षेत्रों में कई जगह जलभराव हो गया है। लोग अब पलायन की स्थिति में हैं। बड़ी संख्या में पशुपालकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। ये सोनपुर और दानापुर की ओर ठिकाना तलाश रहे हैं।

जिला प्रशासन ने की है पुख्ता तैयारी

जिला प्रशासन ने लोगों को आपदा से बचाने की मुकम्मल तैयारी की है। नाव मालिकों के साथ करार किया जा चुका है। 128 राहत शिविर और 126 शरण स्थल की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बचाव एवं खोज के लिए 148 दलों को तैयार रखा गया है।

एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीम की प्रतिनियुक्ति भी की जा चुकी है। मानव एवं पशु दवा की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। 56 प्रकार की दवाएं, ओआरएस, एंटी रेबीज और सांप काटने की दवा भी उपलब्ध है। गंगा किनारे सुरक्षा के इंतजाम नहीं: उफनाई गंगा का प्रवाह काफी तेज है।

गंगा के किनारे बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। रिवर फ्रंट के अलावा अन्य घाटों पर बड़ों के अलावा बच्चे भी खूब मस्ती कर रहे हैं। दीघा घाट पर शुक्रवार को स्कूल ड्रेस में कई बच्चे पानी में उछल-कूद करते दिखे, लेकिन यहां उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं था।

जलभराव वाले स्थानों पर कई गड्ढे भी हैं, यदि कोई बच्चा इसकी चपेट में आ गया तो अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। वहां लोगों का कहना था कि प्रशासन की ओर से इन जगहों की निगरानी बहुत जरूरी है।

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