पटनाः बिहार भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग इन दिनों सुर्खियों में है. अंचल अधिकारी के स्तर पर कई बार लापरवाही के मामले सामने आए हैं.

इस बार भी अभिलेख में डिजिटल हस्ताक्षर में अनियमितता पाई गई है. इसके चलते विभाग की ओर से तमाम अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है. भूमि सुधार व राजस्व मंत्री ने सचिव स्तर के अधिकारियों को कार्रवाई का आदेश दिया है.

अधिकारियों के स्तर पर लापरवाही
भूमि सुधार व राजस्व विभाग की ओर से योजना चालू की गई थी. इसके तहत ऑनलाइन दस्तावेज जारी करना था. अंचलाधिकारी और जिला अभिलेखागार पदाधिकारी के स्तर पर दस्तावेज जारी करने और डिजिटल हस्ताक्षर करने में लापरवाही की गई. जिसके कारण 400 अंचल अधिकारी और 37 अभिलेखागार पदाधिकारी के खिलाफ कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है.

15 दिनों के अंदर मांगा गया जवाब
भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग ने 15 दिन के अंदर तमाम पदाधिकारी से जवाब मांगा गया है. अगर 15 दिन में जवाब नहीं आया तो कार्रवाई की जाएगी.

आपको बता दें कि पिछले दिनोंभूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने समीक्षा बैठक की थीबैठक के दौरान यह तथ्य सामने आई थी कि ऑनलाइन अभिलेख के लिए कुल 14495 आवेदनप्राप्त हुए थे लेकिन 4888 का ही निपटारा हो सका. 94008 मामले ऐसे हैं जो 3 महीने से लंबित पड़े हैं.

विभाग के स्तर पर कार्यवाही होगी
ऑनलाइन दस्तावेज पर डिजिटल हस्ताक्षर होना था तभी ऑनलाइन दस्तावेज मान्य होगा, लेकिन अधिकारियों ने ज्यादातर दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किया. इसे भी विभाग में लापरवाही माना है. दोषी पाए गए तमाम अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है. अधिकारियों को 15 दिन के अंदर जवाब देना है. उसके बाद विभाग के स्तर पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी.

एक क्लिक में लापरवाही
हाल में ही भूमि सुधार एंव राजस्व विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बैठक की थी. उन्होंने गड़बड़ी पाए जाने पर सचिव स्तर के अधिकारी को जांच का आदेश दिया था. बता दें कि जिला अभिलेखागार और सीओ के विभागीय पोर्टल पर जमीन से संबंधी आवेदन प्राप्त होते हैं. इस आवेदन पर डिजिटल हस्ताक्षर करने करना होता है. इसे करने में मात्र एक क्लिक की जरूरत है इसके बावजूद लापरवाही की गयी.



