भ्रष्टाचार की जांच करने मिथिला यूनिवर्सिटी पहुंची विजिलेंस की टीम, 20 करोड़ रुपये गबन का आ’रोप

दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में प्रश्न पत्र की छपाई और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में करोड़ों की राशि  गबन को लेकर दर्ज प्राथमिकी के मामले की जांच निगरानी की टीम डीएसपी सह निगरानी केस के अनुसंधानकर्ता चंद्रभूषण के नेतृत्व में कर रही है। बताया जा रहा है कि 20 करोड़ से अधिक को सरकारी गबन की प्राथमिकी तत्कालीन कुलपति, रजिस्ट्रार, वित्तीय सलाहकार, वित्त पदाधिकारी सहित कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ गबन की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

Confusion over opening of Lalit Narayan Mithila University ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय खुलने को लेकर असमंजस, दरभंगा न्यूज़
इन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
बता दें कि तत्कालीन कुलपति डॉ.  सुरेंद्र प्रताप सिंह और कुलसचिव प्रो मुस्ताक अहमद, वित्तीय सलाहकार कैलाश राम, वित्त पदाधिकारी फजले रहमान, कॉलेज निरीक्षक अशोक कुमार मेहता, भू सम्पदा पदाधिकारी कामेश्वर पासवान, कनीय अभियंता केशव कुमार, एसएम इकबाल से निगरानी टीम आज पूछताछ करने वाली है।
बताया जाता है 2021 में रोहित कुमार ने सूचना के अधिकार के तहत निगरानी में ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय में भ्रष्टचार कर सरकारी राशि के गबन किये जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले की जांच के बाद शिकायत सही पाए जाने विश्विद्यालय के सभी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पटना से जांच करने पहुंची निगरानी की टीम
इस सम्बंध में वर्तमान कुलपति डा संजय कुमार चौधरी ने बताया कि सरकारी राशि गबन की जांच करने पटना से निगरानी की टीम आई हुई है। विश्विद्यालय प्रशासन निगरानी टीम को जांच में पूरा सहयोग करेगा। जो भी फाइलें टीम के द्वारा मांगी जाएगी उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा। दरभंगा जांच को आये निगरानी टीम डीएसपी सह मामले के अनुसंधानक चंद्रभूषण ने बताया कि ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय में करोड़ो की सरकारी राशि गबन का मामला दर्ज है जिसका अभी हम अनुसंधान कर रहे है। जांच में जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्यवाई की जाएगी।

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