हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बीजेपी का मनोबल बढ़ाया है तो वहीं कांग्रेस पार्टी पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं. दरअसल, तमाम एग्जिट पोल हरियाणा में कांग्रेस की बहुमत से सरकार बनती हुई दिखा रही थी, लेकिन उसके विपरीत बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया. इसे लेकर अब बयानबाजी शुरू हो चुकी है.

संजय राउत ने की बीजेपी की प्रशंसा
हरियाणा के बाद महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव होने वाला है. महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी के बीच करीब 190 सीटों का बंटवारा हो चुका है. वहीं, 100 सीटों पर अब भी बंटवारा होना बाकी है.
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है. हरियाणा में हारी हुई बाजी को जीतने वाली पार्टी बीजेपी की प्रशंसा करते हुए संजय राउत ने कहा कि बीजेपी का एक मैनेजमेंट सिस्टम है.

कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ना चाहती है तो भूमिका स्पष्ट करें- राउत
कांग्रेस से हरियाणा में गलती हुई है क्योंकि उन्हें लगा कि बिना रीजनल पार्टी के समर्थन के ही सरकार बन जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं है. बिना रीजनल पार्टी के सर्मथन के तो नरेंद्र मोदी भी पीएम नहीं बन पाते. सरकार बनाने के लिए हमेशा रीजनल पार्टी की जरूरत है और रहेगी.

आगे बोलते हुए राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में अगर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ना चाहती है तो वह अपनी भूमिका स्पष्ट कर सकती है. नहीं तो महाविकास अघाड़ी की तीनों पार्टियों को मिलकर सीएम फेस की घोषणा कर देनी चाहिए.

रीजनल पार्टी के समर्थन के बिना सरकार नहीं बनती
आगे राउत ने कहा कि जो कुछ भी हरियाणा में हुआ, हमें वह महाराष्ट्र में सही करना होगा. हमें ऐसा लगता है और शायद यह कांग्रेस को नहीं लगता. हमें जो कुछ भी हरियाणा में हुआ, उससे सबक लेने की जरूरत है. हालांकि महाराष्ट्र में कुछ भी कर लें, यहां कुछ नहीं होने वाला है.

मोदी सरकार रीजनल पार्टी के समर्थन से बनी है. मनमोहन सिंह की सरकार भी रीजनल पार्टी के ही सहयोग से बनी थी. इसलिए रीजनल पार्टी की हमेशा जरूरत रही है और आगे भी रहेगी.

