हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्र की शुरुआत होती है।

इस उत्सव को शारदीय नवरात्र के नाम से जाना जाता है। प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने का विधान है। साथ ही जीवन में सभी तरह के सुखों की प्राप्ति के लिए व्रत भी किया जाता है।
धार्मिक मत है कि शारदीय नवरात्र के दौरान धरती पर मां दुर्गा का आगमन होता है। इस बार देवी का आगमन पालकी पर हुआ था। वहीं, माता रानी मुर्गे पर विदा होंगी। ऐसे में आइए जानते हैं इसका कैसा प्रभाव पड़ेगा?

पालकी पर हुआ था आगमन
इस बार मां दुर्गा का आगमन पालकी पर हुआ था। इस वाहन को शुभ नहीं माना जाता है। इससे जातकों को आंशिक महामारी या फिर प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा अर्थव्यवस्था गिरावट के भी संकेत मिलते हैं और लड़ाई-झगड़े भी बढ़ सकते हैं।

इस बार मां दुर्गा मुर्गे पर विदा होंगी। ज्योतिष शास्त्र में इसका विशेष उल्लेख देखने को मिलता है। इस वाहन को शुभ नहीं माना जाता है।




मां दुर्गा के मुर्गे पर प्रस्थान करने से जातकों को कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। इस वाहन पर विदा होने से जीवन में दुख और दर्द आते हैं।


