मुजफ्फरपुर जंक्शन के विश्वस्तरीय बनने के साथ सबकुछ बदल जाएगा। एयरपोर्ट की तरह चारों ओर जंक्शन दिखाई देगा।

स्टेशन के पश्चिम तरफ बनकर तैयार हो रहे कंबाइंड टर्मिनल (सीबीटी) के सामने आठ नंबर प्लेटफार्म को बढ़ाकर जीआरपी की बाउंड्रीवाल तक ले-लाइन का विस्तार किया जाएगा। यह लाइन आठ नंबर प्लेटफार्म से आगे का शौचालय तोड़कर हटा दी जाएगी।
अभी जहां साधारण टिकट काउंटर है उसके बगल से लाइन जाएगी। इसे एलिवेटेड रोड के बगल में दक्षिण की तरह से सीधे फूड प्लाजा के पीछे से जीआरपी थाने तक ले जाया जाएगा। इसके बाद उस लाइन को एक नंबर प्लेटफार्म के रूप में विकसित किया जाएगा।

बदल जाएंगे प्लेटफॉर्म के नंबर
आठ नंबर प्लेटफार्म को एक नंबर प्लेटफार्म बना दिया जाएगा। वहीं आठ, सात व छह नंबर प्लेटफार्म को क्रमबद्ध कर आठ, सात व छह को दो-तीन-चार नंबर प्लेटफार्म में कंवर्ट किया जाएगा।

इधर एक-दो नंबर प्लेटफार्म चार-पांच हो जाएगा। तीन-चार नंबर, छह-सात व पांच नंबर प्लेटफार्म आठ नंबर प्लेटफार्म हो जाएगा। रेल अधिकारियों की टीम ने इसका प्रस्ताव बनाकर सोनपुर डीआरएम विवेक भूषण सूद को भेजा है।

हालांकि, मुजफ्फरपुर जंक्शन का क्रमबद्ध नहीं होना यह रेल अधिकारियों को खटक रहा था। इसे बनाने के लिए करोड़ों रुपये की फंडिंग नहीं होने से अधिकारी पीछे हाथ खींच ले रहे थे।

इस बीच प्रधानमंत्री ने गतिशक्ति योजना से मुजफ्फरपुर सहित देश के 1300 से अधिक जंक्शन बनाने को करोड़ों रुपये दिए। इस बीच रेल भूमि विकास प्राधिकरण में काम कर चुके सोनपुर डीआरएम को सोनपुर रेलमंडल में पदस्थाना हुई।

उन्होंने जब जंक्शन पर एक-एक जगह का जयजा लिया उसी वक्त रेल अधिकारियों के बीच प्लेटफार्म को एक क्रमबद्ध में करने की ठानी।

सीनियर डीओएम मनीष सौरभ से इस पर प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। इसका एक नक्शा बनाया गया। उसके बाद पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक को भी इसकी जानकारी दी। उनको यह प्रस्ताव अच्छा लगा।

30 सितंबर को नरकटियागंज जाने के दौरान पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह मुजफ्फरपुर में थोड़ी देर के लिए रुके थे। उनको इसकी जानकारी दी गई।

उसके बाद रेल सीनियर डीओएम को इसका प्रस्ताव जल्द बनाकर भेजने कहा। गुरुवार को परिचालन, कोचिंग, सिग्नल, कामर्शियल आदि विभाग के रेल अधिकारियों से मनतव्य लेकर प्रस्ताव भेजा गया है।
