बिहार के पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी में देरी को लेकर अपर सत्र न्यायाधीश एमपी/एमएलए शक्ति सिंह की अदालत ने सख्ती दिखाई है। अदालत ने मुहम्मदाबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक को 21 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।



अदालत की कार्रवाई
22 अक्टूबर 2023 को पप्पू यादव और अन्य 10 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। 10 आरोपी अदालत में पेश हुए और वारंट निरस्त करा लिया। हालांकि, सांसद पप्पू यादव अदालत में अब तक हाजिर नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने सांसद की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। वहीं गिरफ्तारी में विफलता के बाद मुहम्मदाबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है।


अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर 2024 को होगी। 1993 के इस मामले में सभी आरोपियों को पहले दोषमुक्त कर दिया गया था।अभियोजन पक्ष द्वारा अपील के बाद मामला दोबारा अदालत में विचाराधीन है। बार-बार समन और वारंट के बावजूद सांसद की गैर-हाजिरी ने मामला गंभीर बना दिया है।