पटना. पटना नगर निगम में फर्जीवाड़ा के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है. पटना मेयर के बेटे शिशिर शाहू पर अवैध वसूली का आरोप लगा है. दरअसल नगर निगम के साथ काम करने वाली एजेंसियो ने शिशिर शाहू पर कार्य एक्सटेंशन के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है. वहीं एजेंसियों से शिकायत मिलने के बाद निगम आयुक्त निमेष पराशर ने विभाग को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें एजेंसी के एक्सटेंशन का अधिकार विभाग को देने की अनुशंसा की गयी है.

इस संबंध में पटना नगर निगम कार्यालय ने सशक्त स्थायी समिति के समक्ष अगस्त माह में ही यह प्रस्ताव रखा गया था. परंतु इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया. दरअसल मेयर सीता साहू के बेटे शिशिर साहू पर नगर के साथ काम कर रही एजेंसियों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. एजेंसियों का कहना है कि कार्य एक्सटेंशन के नाम उनसे वसूली की जाति है. वहीं पैसे नहीं देने पर काम किसी दूसरी एजेंसी को दे दिया जाता है.

एजेंसियो की शिकायत पर निगम आयुक्त ने विभाग से गुहार लगाई है. इस संबंध में विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है कि अब से किसी एजेंसी को टेंडर में ही कार्य-अवधि निर्धारित कर दी जाय और एक्सटेंशन की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया जाय. अब ऐसे में पटना नगर निगम में अवैध वसूली रोकने के लिए एजेंसी के एक्सटेंशन का अधिकार विभाग को दिया जा सकता है.

नगर आयुक्त द्वारा पत्र लिखकर सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. निगम आयुक्त ने प्रस्ताव मे यह भी लिखा है कि एजेंसी के कर्मियों ने यह आरोप लगाया गया है कि महापौर पुत्र शिशिर कुमार द्वारा पैसे की मांग की जा रही है. शिशिर साहू नगर निगम की गतिविधियों में शामिल रहते हैं और कार्यालय में निजी स्वार्थ के लिये कर्मचारियों पर दवाब बनाते हैं.

पटना मेयर ने कमिश्नर पर लगाए गंभीर आरोप
वहीं अब इस मामले में मेयर सीता साहू ने कमिश्नर अनिमेष पराशर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. मेयर ने निगम कमिश्नर पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा है कि चार्टर एकाउंटेंट कंपनी से अवैध रूप से सेवा भुगतान किया गया. कार्यकाल खत्म होने के बाद भी टेंडर जारी नहीं किया गया. बिना टेंडर जारी किए सेवा ली गई. ऐसे में नगर निगम में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद पटना मेयर और नगर निगम आयुक्त आमने-सामने हैं.

