पटना। राजधानी के सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में मेट्रो को शामिल करने की दिशा में सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल ने पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसपीवी) के गठन को मंजूरी दे दी है।
दो हजार करोड़ की पूंजी से शुरू होने वाले इस कॉरपोरेशन को मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन की जिम्मेवारी सौंपी गई है। पांच हजार शेयर वाली कंपनी में नगर विकास विभाग की हिस्सेदारी 98.9 फीसदी होगी।
4940 शेयर होंगे नगर विकास विभाग के पास
नगर विकास विभाग के पास 4940 शेयर होंगे, जबकि वित्त, परिवहन, पथ निर्माण, ऊर्जा, योजना एवं विकास विभाग तथा प्रमंडलीय आयुक्त के पास 10-10 शेयर होंगे।
नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव या उनके द्वारा नामित व्यक्ति पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष होंगे। राज्य सरकार प्रबंध निदेशक की नियुक्ति करेगी।
वित्त, नगर विकास, परिवहन, पथ निर्माण और ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में शामिल किए गए हैं।
केन्द्र की मंजूरी के बाद बदल जाएगा कॉरपोरेशन का स्वरूप
केन्द्र सरकार द्वारा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की मंजूरी के बाद कॉरपोरेशन (एसपीवी) का स्वरूप बदल जाएगा।
केन्द्र सरकार के प्रतिनिधि इस कंपनी के अध्यक्ष होंगे, जबकि प्रबंध निदेशक राज्य सरकार के प्रतिनिधि होंगे। इसके अलावा पांच प्रतिनिधि केन्द्र और पांच राज्य सरकार द्वारा नामित किए जाएंगे।
क्या होगा फायदा?
पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसपीवी) के गठन की मंजूरी के बाद अब मेट्रो से संबंधित सभी निर्णय स्वतंत्र रूप से लिए जा सकेंगे। इसका गठन कंपनी एक्ट के आधार पर किया गया है।
पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन राज्य और केन्द्र सरकार के साथ जायका और एडीबी से कर्ज लेकर परियोजना का संचालन किया जाएगा।
अगले कैबिनेट में मेट्रो रेल के संशोधित डीपीआर को मिलेगी मंजूरी
इस बीच इरकॉन ने नई मेट्रो पॉलिसी के तहत तैयार संशोधित डीपीआर नगर विकास विभाग को सौंप दिया है। फिलहाल यह प्रस्ताव लोक वित्त समिति की मंजूरी के लिए भेजा गया है।
समिति की मंजूरी के बाद इसे कैबिनेट को भेजा जाएगा। अगले महीने के शुरू में प्रस्ताव को केन्द्र सरकार को भेजे जाने की संभावना है।