149 साल बाद महाशिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग, पूजा के लिए शिवालयों में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब

आज महाशिवरात्रि है. भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों और शिवालयों में सुबह से शिवभक्तों की भीड़ लगी हुई है. श्रद्धालु महादेव का जलाभिषेक कर उनकी आराधना की. इस मौके पर महिला और पुरुष उपवास रहकर भगवान शंकर की पूजा करते हैं. वहीं श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

महाशिवरात्रि पर उमड़ी शिवभक्तों की भीड़: गोपालगंज में सुबह छह बजे मंदिर और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में श्रद्धालु जमा हो गए. श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा, भांग, बैर, अक्षत, धूप और जल से पूजा-अर्चना कर रहे हैं.

नगर के मेन रोड स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ दिखी. प्राचीन शिव मंदिर बालखण्डेश्वर महादेव के दरबार के अलावे जादोपुर रोड स्थित शिव मंदिर पर काफी भीड़ रही. इस मौके पर शिव मंदिरों के इर्द-गिर्द मेले का भी आयोजन किया गया है.

मंदिर में सुरक्षा-व्यवस्था पुख्ता: महाशिवरात्रि को देखते हुए मंदिर के आसपास दुकानदारों ने अपनी दुकानें भी सजा रखी है. भीड़ और मेले को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी तमाम शिवालयों के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. शिवमंदिर में सुबह तीन बजे से ही भक्त विभिन्न शिवालयों में पहुंच गए.

हालांकि प्रशासन ने अच्छी व्यवस्था की है. भक्तों की भीड़ को देखते हुए पुलिस के जवान और स्थानीय युवकों द्वारा एक-एक कर श्रद्धालुओं को भगवान शिव पर जलाभिषेक करने के लिए कतार लगाकर मंदिर में प्रवेश करवाया जा रहा है.

मंदिर का है 200 वर्षों का इतिहास: जनता सिनेमा रोड स्थित बालखंडेश्वर नाथ के मंदिर का इतिहास काफी पुराना है. ऐसी मान्यता है कि 200 वर्ष पहले जब हथुआ राज का राज हुआ करता था, तब गोपालगंज शहर के बीचों-बीच जहां बाल खंडेश्वर महादेव का मंदिर है उस स्थान पर हथुआ राज की छावनी हुआ करती थी. इसी छावनी में कुछ सैनिक भी रहते थे. सैनिकों द्वारा खेती करने के उद्देश्वय से जब खेत की जुताई की जा रही थी, तभी हल द्वारा खेत से एक शिव लिंग निकली.

इसलिए पड़ा ‘मन्नतनाथ’ नाम: हालांकि हल से शिव लिंग थोड़ी से खंडित हो गई थी. स्थानीय लोगों और सैनिकों ने खंडित शिवलिंग को उसी जगह पर स्थापित कर एक छोटा सा स्थान दे दिया और पूजा-अर्चना शुरू कर दी. धीरे-धीरे यह बात आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई और लोगों की भीड़ जुटने लगी. स्थानीय लोगों ने जो भी सच्चे मन से मन्नत मांगी, वह पूरी होती गई. उसके बाद से लोग मन्नतनाथ के नाम से भी जानने लगे.

149 साल बाद दुर्लभ संयोग: ज्योतिष के अनुसार इस साल महाशिवरात्रि पर काफी दुर्लभ संयोग बन रहा है. जिस वजह से कुछ राशियों के ऊपर महादेव की विशेष कृपा हो सकती है. ऐसा संयोग 1873 में बना था और लगभग 149 वर्ष बाद 2025 में बन रहा है. इस दिन महादेव के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है.

 

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