पटना. दारोगा (सब इंस्पेक्टर) की बहाली के लिए मंगलवार से महिला अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) शुरू हुई। इसमें दौड़ने के लिए गर्भवती अभ्यर्थियों को भी गर्दनीबाग हाईस्कूल के मैदान स्थित सेंटर पर बुलाया गया था। हालांकि उन्हें फिजिकल टेस्ट में इंट्री नहीं मिली।
गर्भवती होने के कारण एक दर्जन से अधिक महिला अभ्यर्थी फिजिकल टेस्ट में शामिल नहीं हो सकीं। इनमें निशा कुमारी, सीमा कुमारी, पूजा कुमारी, सुप्रिया, रिंकी, अनामिका, मीरा, रानी, रश्मि, रुही व अन्य शामिल हैं। पीटी व मुख्य परीक्षा में क्वालिफाई करने के बाद इन्हें मायूसी हाथ लगी। इन्होंने दोपहर में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) के कार्यालय जाकर भी गुहार लगाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
इनका कहना है कि परीक्षा का कोई कैलेंडर पहले से तय नहीं था। अगस्त में मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने पर गर्भवती अभ्यर्थियों ने आयोग से संपर्क कर अपनी परेशानी बताई थी। तब कहा गया था कि आवेदन के साथ मेडिकल रिपोर्ट दे दीजिए। पर फिजिकल टेस्ट सेंटर पर आपकी उपस्थिति जरूरी है। ये आईं भी। मगर इन सबके बावजूद निराश ही लौटीं।
आगे और आएंगे ऐसे मामले
25 से 29 सितंबर तक होने वाले फिजिकल टेस्ट में करीब साढ़े तीन हजार महिला अभ्यर्थियों को शामिल होना है। ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में गर्भवती अभ्यर्थियों की संख्या और बढ़ेगी। रोजाना करीब 700 महिला अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया है।
दारोगा बहाली एक नजर
सितंबर 2017 बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने दारोगा के 1717 पदों पर बहाली का विज्ञापन निकाला।
फरवरी 2018 4.18 लाख आवेदकों के एडमिट कार्ड जारी
11 मार्च व 15 अप्रैल 2018 – पीटी (प्रारंभिक परीक्षा) में कुल 3.59 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। (29 हजार 359 अभ्यर्थी पास)
22 जुलाई – मुख्य परीक्षा आयोजित। (10 हजार 161 अभ्यर्थी पास हुए)।
रोजाना 700 के लगभग अभ्यर्थियों को टेस्ट के लिए बुलाया गया है।
अभ्यर्थियों ने कहा
ऐसी स्थिति में फिजिकल टेस्ट के लिए बुला कर परेशान किया गया। तीन-चार घंटे तक धूप-बारिश में सेंटर पर भटकती रही। कोई ठीक से बात करने वाला नहीं था। पहले आयोग कार्यालय में आवेदन भी दिया था। गर्भवती अभ्यर्थियों के लिए दोबारा फिजिकल टेस्ट होना चाहिए। – निशा कुमारी, कंकड़बाग, पटना
मुख्य परीक्षा के रिजल्ट के बाद आयोग कार्यालय को परेशानी बताई थी। तब सेंटर पर उपस्थिति को जरूरी बताया गया। यहां कोई स्पष्ट जानकारी देने वाला नहीं था। आयोग कार्यालय गई लेकिन वहां भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। -सीमा कुमारी, उसरी, कैमूर