आधार की अनिवार्यता पर भी फैसला आज, चुनौती देने वाली याचिकाओं पर करीब 4 महीने में 38 दिन हुई सुनवाई
अदालती कार्यवाही के सीधे प्रसारण पर भी फैसला आने की उम्मीद, 24 अगस्त को फैसला सुरक्षित रखा था
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिए एक और महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि सरकारी नौकरियों में प्रमोशन देने में आरक्षण का लाभ राज्य सरकारें अपने स्तर पर दे सकती हैँ। इसके लिए नागराज कमेटी की सिफारिशों पर पुनर्विचार के लिए बड़ी बेंच के पास भेजना जरूरी नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रमोशन के लिए आंकड़े जुटाना जरूरी नहीं है। शीर्ष अदालत में आज आधार की अनिवार्यता और अहम मामलों की सुनवाई के सीधे प्रसारण पर भी फैसला दिया जा सकता है।
आधार की अनिवार्यता के विरोध में 30 याचिकाएं दायर
आधार की अनिवार्यता के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में 30 याचिकाएं दायर हैं। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 10 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मुद्दे पर 38 दिन तक सुनवाई चली थी।
सुप्रीम कोर्ट यह फैसला भी देगा कि महत्वपूर्ण मामलों में अदालती कार्यवाही की रिकॉर्डिंग और उसका सीधा प्रसारण होना चाहिए या नहीं। इस मुद्दे पर कोर्ट ने 24 अगस्त को फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने कहा था कि अदालती कार्यवाही के सीधे प्रसारण से पारदर्शिता बढ़ेगी।