पटना: हालिया दिनों में बिहार में अपराध की घटनाएं बढ़ गईं है. पिछले 5 दिनों में अपराधियों के निशाने पर पुलिसकर्मी भी आ गए हैं. दो एएसआई स्तर के अधिकारियों की हत्या कर दी गई है.

पहले अररिया में एएसआई राजीव रंजन मल्ल की हत्या हुई, फिर मुंगेर के नंदलालपुरा में एएसआई संतोष कुमार की हत्या कर दी गई. भागलपुर और मधुबनी में भी पुलिस टीम पर हमला हुआ है. वहीं, इसको लेकर बिहार में सियासत शुरू हो गई है. कानून-व्यवस्था पर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं.

कानून-व्यवस्था पर सवाल: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव लगातार बिहार में हो रही आपराधिक घटना को लेकर सरकार के इकबाल पर सवाल उठाते रहे हैं. उनका कहना है कि बिहार में अब लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि सरकार इसे संभाल नहीं पा रही है. बिहार में हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर तेजस्वी पिछले कुछ दिनों से क्राइम बुलेटिन भी जारी करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है.

मधुबनी में पुलिस ऑफिसर का सर फोड़ा: मधुबनी के खुटौना थानान्तर्गत परसाही गांव में जमीन विवाद के कारण हिंसक झड़प हो गई. जब पुलिस वहां गई तो लोगों ने पुलिस बल के साथ ही धक्का-मुक्की कर दी. घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि एक पुलिस पदाधिकारी का सर फट गया.

भागलपुर में पुलिस टीम पर हमला: होली के दिन भागलपुर के कहलगांव के अंतीचक थाना क्षेत्र के कासड़ी गांव में कुछ बच्चों के बीच किसी बात पर विवाद हो गया. स्थिति ऐसी हो गई कि गांव के लोगों के बीच विवाद बढ़ गया. पुलिस को इसकी सूचना मिली. मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मामले को शांत करने का प्रयास किया लेकिन स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. हमले में एक एएसआई समेत तीन सिपाही घायल हो गए.
