कांटी थर्मल पावर प्रोजेक्ट के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर शुक्रवार को रतनपुरा गांव में एक किसान सभा आयोजित की गई। इस सभा में पूर्व मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता अजीत कुमार ने स्पष्ट कहा कि किसान जमीन देने को तैयार हैं, लेकिन अपने शर्तों पर। यदि जिला प्रशासन जबरन या अनियमित तरीके से भूमि अधिग्रहण की कोशिश करता है, तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

अधिग्रहण प्रक्रिया पर गंभीर आरोप
अजीत कुमार ने वर्ष 2011 में शुरू हुई भू-अर्जन प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा कि अब तक मुआवजा वितरण में भी व्यापक गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने बताया कि भू-अर्जन विभाग ने 90 कड़ी जमीन का नक्शा तैयार किया, लेकिन एनटीपीसी ने 95-100 फीट तक जमीन पर कब्जा कर लिया, और मुआवजा केवल 75 कड़ी का दिया गया। यह तथ्य अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा कराई गई पैमाइश में सामने आया।

बैंक लोन में धोखाधड़ी का आरोप
किसानों द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त दस्तावेज़ों के हवाले से अजीत कुमार ने आरोप लगाया कि एनटीपीसी ने भू-अर्जित जमीन को आवासीय मूल्य पर आंका, जबकि किसानों को भीट व धनहर किस्म बताकर कम मुआवजा दिया गया। इसके आधार पर केनरा बैंक से 505 करोड़ रुपये का लोन भी लिया गया, जो अपने आप में एक गंभीर धोखाधड़ी है।

नक्शा, रजिस्ट्री और म्यूटेशन में अनियमितता
सभा में यह भी उजागर हुआ कि प्रभावित गांव ढ़ेमहां का कोई अधिकारिक नक्शा ना तो अंचल कार्यालय में है और ना ही भू-अर्जन विभाग में। फिर भी एनटीपीसी द्वारा नजरी नक्शा बनाकर अधिग्रहण की प्रक्रिया चलाई जा रही है। कुछ मामलों में बिना रजिस्ट्री के म्यूटेशन भी करा लिया गया है, जो फर्जीवाड़ा है और प्रशासन को इसकी तत्काल जांच करनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
अजीत कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अधिग्रहण की तिथि के समय जो बाजार दर हो, उसी के अनुसार मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस कानूनी तथ्य को भी नजरअंदाज कर रहा है।

साफ चेतावनी: “किसान जान देंगे, जमीन नहीं”
अजीत कुमार ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन किसानों को धमकाकर जमीन कब्जाना चाहता है तो किसान जान दे देंगे पर जमीन नहीं देंगे। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की कि किसानों से वार्ता कर उनकी शर्तों पर ही अधिग्रहण करें।

सभा में रहे ये प्रमुख किसान नेता उपस्थित
सभा की अध्यक्षता पूर्व मुखिया नंदकिशोर सिंह ने की, जबकि वक्ताओं में गुड्डू चौधरी, अशोक चौधरी, मनोज शर्मा, सुजीत कुमार सिंह, मुन्ना ठाकुर, शिवेंद्र सिंह, पप्पू सिंह, मीना देवी, लक्ष्मण ठाकुर सहित दर्जनों किसानों ने अपनी बात रखी।
