प्रकाश सिन्हा (संपादक) की कलम से।
मुज़फ्फरपुर।चित्रगुप्त एसोसिएशन के हालिया चुनाव में इस बार युवा चित्रांशों का गजब का उत्साह देखने को मिला। युवाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान में भागीदारी निभाई और यह साफ कर दिया कि वे अब न केवल संगठन से जुड़े रहना चाहते हैं, बल्कि इसकी बागडोर भी अपने हाथों में लेने को तैयार हैं।

युवाओं के जोश को देखकर ऐसा प्रतीत हुआ मानो वे अपने वरिष्ठ गार्जियन रूपी पदाधिकारियों को एक शालीन लेकिन स्पष्ट संदेश देना चाहते हों—“अब आप थक चुके हैं, अब आराम करें और हमें नेतृत्व का मौका दें। हम आपसे मार्गदर्शन अवश्य लेंगे।”

इस चुनाव का परिणाम चाहे जिसके पक्ष में आए, एक बात तो साफ हो गई है कि नवयुवकों में संगठन के प्रति जागरूकता बढ़ी है। यही वजह है कि आने वाले समय में चित्रगुप्त एसोसिएशन के कार्यकलापों में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना पहले से अधिक देखने को मिलेगी।

अब कोई भी पदाधिकारी संविधान की मर्यादाओं के बाहर जाकर निर्णय नहीं ले सकेगा। युवाओं की सक्रियता ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अब एसोसिएशन जनभागीदारी और नियमबद्ध प्रणाली की ओर तेजी से अग्रसर है।






